Trump Tariff News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से अपनी सख्त व्यापार नीति को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल, मिडिल ईस्ट और ईरान के मुद्दों के बाद अब ट्रंप ने यूरोपीय देशों को लेकर एक बड़ा संदेश दिया है। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई यूरोपीय देश अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स (Digital Service Tax) लागू करता है, तो अमेरिका उस देश से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा।
ट्रंप के इस चेतावनी वाले संदेश से कई देशों को आने वाले समय में काफी भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका के इस फैसले से वैश्विक व्यापार (Global Trade) जगत में फिर से एक नई चिंता पैदा हो गई है।
डिजिटल टैक्स बना विवाद की वजह
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर शेयर किए एक पोस्ट में साफ लिखा है कि कई यूरोपीय देश अमेरिकी डिजिटल कंपनियों (American Digital Companies) पर नया टैक्स लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इसपर ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा होता है, तो अमेरिका तत्काल जवाबी कार्रवाई करेगा।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी कंपनियों पर लगाया गया डिजिटल टैक्स स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके जवाब में संबंधित देशों से आयात होने वाले सभी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।
व्यापार समझौते भी हो सकते हैं रद्द
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी साफ कहा है कि अगर यूरोपीय देशों ने डिजिटल सर्विस टैक्स (Digital Services Tax) लागू किया, तो केवल टैरिफ ही नहीं बढ़ेगा बल्कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते भी प्रभावित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से लागू या भविष्य में होने वाले सभी व्यापारिक समझौते (Trade Agreements) तत्काल प्रभाव से रोक दिए जाएंगे या रद्द किए जा सकते हैं। इससे अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों पर भी काफी हद तक असर देखने को मिल सकता है।
पहले भी हो चुका है समझौता
पिछले वर्ष अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था। इसके तहत यूरोप से अमेरिका आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया था। इसके बदले यूरोपीय संघ (European Union) ने अमेरिकी तकनीकी उत्पादों पर आयात शुल्क लगभग शून्य कर दिया था, लेकिन अब डिजिटल टैक्स (Digital Tax) के मुद्दे पर फिर से एक बार गंभीर मतभेद बढ़ता नजर आ रहा है।
फ्रांस ने झुकने से किया इनकार
फ्रांस इस विवाद के केंद्र में बना हुआ है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पहले ही साफ तौर पर कह चुके हैं कि उनकी सरकार अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाए गए डिजिटल सर्विस टैक्स (Digital Services Tax) को वापस नहीं लेगी। इस संदर्भ पर फ्रांस का कहना है कि बड़ी डिजिटल कंपनियों को स्थानीय स्तर पर कारोबार से होने वाली कमाई पर टैक्स देना चाहिए। इसी नीति के तहत वर्ष 2019 से फ्रांस उन कंपनियों पर 3 प्रतिशत डिजिटल टैक्स लगा रहा है, जिनका फ्रांस में बड़ा कारोबार है।

ट्रंप ने पहले भी दी थी चेतावनी
यह पहली बार नहीं हुआ कि ट्रंप के द्वारा टैरिफ बढ़ाने की धमकी मिली है। इससे पहले भी अमेरिका ने फ्रांस को टैरिफ की धमकी दी है। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि अगर फ्रांस डिजिटल टैक्स (France Digital Tax) नहीं हटाता है, तो फ्रांस से अमेरिका आने वाली शराब और अन्य उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगेगा। अब ट्रंप ने अपनी चेतावनी को पूरे यूरोप तक बढ़ा दिया है, जिससे व्यापारिक तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
4 जुलाई की समयसीमा के बीच बढ़ा तनाव
यूरोपीय देशों ने अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत के लिए 4 जुलाई 2026 तक की समय-सीमा तय की है। इसी बीच ट्रंप की नई चेतावनी (Trump’s New Warning) सामने आने से दोनों पक्षों के बीच वार्ता और अधिक कठिन हो सकती है। वही, अगर दोनों ही पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम रहते हैं, तो आने वाले समय में एक नया टैरिफ युद्ध शुरू हो सकता है।
Trump Drops Major Tariff Warning on Europe — (Video: AI)
President Trump posted:
“any Country that imposes such a Tax will immediately be met with a 100% TARIFF on any and all Goods sent to the United States of America. This TARIFF will supersede Trade Deals… the 100% TARIFF… pic.twitter.com/t2sDGi4lZM
— Paul A. Szypula 🇺🇸 (@Bubblebathgirl) June 26, 2026
वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
यदि अमेरिका वास्तव में 100 प्रतिशत टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर केवल यूरोप और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक सप्लाई चेन, निर्यात-आयात और अंतरराष्ट्रीय बाजारों (International Markets) पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
यूरोप से अमेरिका जाने वाले ऑटोमोबाइल, मशीनरी, लक्जरी सामान, खाद्य उत्पाद और शराब जैसे कई उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। वहीं अमेरिकी टेक कंपनियों (American Tech Companies) और यूरोपीय बाजारों के बीच कारोबार भी प्रभावित होने की आशंका है।
आगे की रणनीति क्या है?
अब सबकी नजर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच होने वाली आगामी वार्ताओं पर टिकी हुई है। अगर दोनों ही पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं, तो दुनिया एक बार फिर से गंभीर व्यापारिक संकट से गुजर सकती है।
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