Vinesh Phogat News: भारतीय महिला कुश्ती की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट जिसके बारे में हर कोई जानता है। इनका एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने का सपना टूट गया है। दरअसल, शनिवार यानी 30 जून, 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम (Indira Gandhi Indoor Stadium) में आयोजित एशियन गेम्स ट्रायल्स के दौरान उन्हें सेमीफाइनल मुकाबले में युवा पहलवान मीनाक्षी गोयत के हाथों 6-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही विनेश ट्रायल्स से बाहर हो गईं और एशियन गेम्स (Asian Games) टीम में जगह बनाने की उनकी यह उम्मीदें अब यही खत्म हो गईं है।
वहीं, मुकाबले के बाद विनेश फोगाट का रिएक्शन (Vinesh Phogat’s Reaction) भी चर्चा का विषय बन गया। हार के बाद वह मैट से बाहर चली गईं, लेकिन कुछ देर बाद वापस लौटीं और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं वापस आऊंगी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मीनाक्षी गोयत ने दिखाया दमदार प्रदर्शन
आपकी जानकारी के लिए बात दें कि 53 किलोग्राम भारवर्ग के इस मुकाबले में मीनाक्षी गोयत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने विनेश को संभलने का मौका नहीं दिया और लगातार अंक हासिल करती रहीं। वहीं, अनुभवी विनेश ने वापसी की कोशिश की, लेकिन मीनाक्षी ने दबाव बनाए रखा और आखिरकार उन्होंने 6-4 से यह मुकाबला अपने नाम पर दर्ज किया।
मीनाक्षी की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वह पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में चल रही हैं। उन्होंने हाल ही में 2026 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की थी। अब विनेश जैसी स्टार पहलवान को हराकर उन्होंने भारतीय महिला कुश्ती में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
विनेश को कोर्ट के आदेश के बाद मिली थी ट्रायल्स में एंट्री
विनेश फोगाट की ट्रायल्स में एंट्री (Entry into Trials) को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा था। भारतीय कुश्ती महासंघ उनकी भागीदारी का विरोध कर रहा था। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी। हालांकि, WFI ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। बाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विनेश के लिए ट्रायल्स में उतरने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स टीम में जगह बनाने के लिए ट्रायल्स में हिस्सा लिया।
पहले दो मुकाबलों में दिखाया था शानदार खेल
ट्रायल्स के शुरुआती दौर में विनेश ने अच्छा प्रदर्शन किया था। पहले मुकाबले में उन्होंने ज्योति को 7-1 से हराकर आसान जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे मुकाबले में निशु के खिलाफ उन्हें कड़ी चुनौती मिली। निशु ने मुकाबले में 5-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन विनेश ने शानदार वापसी करते हुए मैच जीत लिया। हालांकि तीसरे मुकाबले में मीनाक्षी गोयत के खिलाफ वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सकीं और हार गईं।

हार के बाद क्या बोलीं विनेश फोगाट?
वहीं, मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि उन्होंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैंने जितना कर सकती थी, उतना अच्छा प्रदर्शन किया। मैंने अपना सौ प्रतिशत दिया। मेरे अंदर जितनी ऊर्जा थी, मैंने सब लगा दी। मुझे लगता है कि मेरी मेहनत कम थी, इसलिए अब मैं और ज्यादा मेहनत करूंगी। उन्होंने आगे कहा कि यह हार उनके लिए सीख है और वह भविष्य में और मजबूत होकर वापसी करने की कोशिश करेंगी।
ट्रायल्स में पक्षपात और चीटिंग का लगाया आरोप
हार के बाद विनेश फोगाट ने ट्रायल्स की प्रक्रिया (Trials Process) पर सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रायल्स के दौरान पक्षपात किया गया। खबरों के अमुसार, पक्षपात तो हुआ है, लेकिन मैं इतनी मेहनत करना चाहती हूं कि जो लोग चीटिंग कर रहे हैं, उनकी चीटिंग भी मेरे सामने बेअसर हो जाए। मैं चाहती हूं कि वे चाहकर भी मुझे न हरा पाएं। जब उनसे ट्रायल्स की निष्पक्षता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पूरा देश देख चुका है कि ट्रायल्स किस तरह हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का जताया आभार
विनेश फोगाट ने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि अदालतों की वजह से ही उन्हें मैट पर उतरने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट की बहुत आभारी हूं। अगर अदालतों से अनुमति नहीं मिलती तो मैं आज मैट पर नहीं होती। मैं शुरू से यही चाहती थी कि फैसला मैट पर हो कि कौन बेहतर खिलाड़ी है।
भारतीय महिला कुश्ती में नई पीढ़ी का उदय
मीनाक्षी गोयत की जीत को भारतीय महिला कुश्ती (Indian Women Wrestling) में नई पीढ़ी के उभरने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में युवा पहलवानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है और अब वे अनुभवी खिलाड़ियों को भी कड़ी चुनौती दे रही हैं। मीनाक्षी ने इस जीत के साथ साबित कर दिया है कि आने वाले वर्षों में वह भारत की बड़ी उम्मीद बन सकती हैं। वहीं विनेश फोगाट के लिए यह हार एक बड़ा झटका जरूर है, लेकिन उनके संघर्ष और वापसी की कहानी को देखते हुए खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वह भविष्य में फिर मजबूत वापसी करेंगी।
एशियन गेम्स 2026 ट्रायल्स (Asian Games 2026 Trials) में मिली हार ने विनेश फोगाट का सपना जरूर तोड़ दिया है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर, मीनाक्षी गोयत की शानदार जीत भारतीय महिला कुश्ती (Indian Women Wrestling) के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि आगे आने वाले टूर्नामेंटों में दोनों पहलवान कैसा प्रदर्शन करती हैं।
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