Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने आखिरकार अपना पदक खाता खोल दिया है। दूसरे दिन पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारत ने मेडल टैली में अपना खाता खोला और शीर्ष-10 देशों में जगह बनाने में सफलता हासिल की। दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने स्विमिंग, बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स जैसी स्पर्धाओं में भी दमदार प्रदर्शन कर आगे की उम्मीदों को मजबूत किया।
झंडू कुमार ने दिलाया पहला पदक
28 वर्षीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। पुरुषों की हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। झंडू कुमार ने पहले 181 किलोग्राम और फिर 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इन प्रयासों के आधार पर उन्हें 130.9 अंक मिले, जो उन्हें कांस्य पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहे। हालांकि, उन्होंने 196 किलोग्राम का तीसरा और निर्णायक प्रयास किया, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सके।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
झंडू कुमार की यह सफलता केवल एक पदक नहीं बल्कि संघर्ष और मेहनत की मिसाल भी है। पोलियो जैसी चुनौती का सामना करने के बावजूद उन्होंने खेल नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बने।
स्वर्ण और रजत किसे मिला?
इस मुकाबले में नाइजीरिया के इदरिस रिलुवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 132.8 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, मैथ्यू हार्डिंग ने 131 अंक हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। झंडू कुमार इन दोनों खिलाड़ियों के बाद तीसरे स्थान पर रहे और भारत को कांस्य पदक दिलाया।
सुधीर छठे स्थान पर रहे
इसी स्पर्धा में भारत के एक और पैरा पावरलिफ्टर सुधीर भी उतरे। उन्होंने अच्छा प्रयास किया, लेकिन 114.1 अंक के साथ छठे स्थान पर रहे। हालांकि वह पदक नहीं जीत सके, लेकिन उनका प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।
अशोक मलिक पदक से चूके
पुरुषों की लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के अशोक मलिक पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गए। उन्होंने 143.8 अंक हासिल किए और चौथे स्थान पर रहे। यदि वह थोड़ा और बेहतर प्रदर्शन करते तो भारत के खाते में दूसरा पदक भी जुड़ सकता था।
परमजीत कुमार सातवें स्थान पर
उसी स्पर्धा में भारत के परमजीत कुमार ने भी चुनौती पेश की। उन्होंने 135.6 अंक हासिल किए और सातवें स्थान पर प्रतियोगिता समाप्त की। हालांकि उन्हें पदक नहीं मिला, लेकिन उन्होंने पूरी प्रतियोगिता में संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया।
लाइटवेट स्पर्धा के विजेता
पुरुषों की लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में इंग्लैंड के मार्क स्वान ने 153.9 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। नाइजीरिया के रोलांड इजुरुइके ने रजत पदक हासिल किया। वहीं, मलेशिया के बोनी बुनयाओ गस्टिन ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
स्विमिंग में पदक से मामूली दूरी
भारत एक और पदक जीतने के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन अंतिम क्षणों में यह मौका हाथ से निकल गया। पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में कार्तिक बुदीगिना शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 57.57 सेकंड में अपनी रेस पूरी की। यदि वह कुछ और बेहतर समय निकाल पाते तो भारत के खाते में दूसरा पदक जुड़ सकता था।
इमाम अली का भी अच्छा प्रदर्शन
इसी स्पर्धा में भारत के इमाम अली ने भी फाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने 1 मिनट 03.73 सेकंड का समय लिया और सातवें स्थान पर रहे। फाइनल तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
स्विमिंग में किसने जीता गोल्ड?
दक्षिण अफ्रीका के नाथन हेंड्रिक्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 54.54 सेकंड में रेस पूरी की और स्वर्ण पदक जीता। स्कॉटलैंड के स्टीफन क्लेग ने रजत पदक हासिल किया। इंग्लैंड के मैथ्यू रेडफर्न ने कांस्य पदक अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की एस13 श्रेणी में आयोजित की गई थी।
हीट्स में भी दिखाया दम
फाइनल से पहले आयोजित हीट्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्तिक बुदीगिना ने 57.10 सेकंड का समय निकालते हुए तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, इमाम अली ने 1 मिनट 05.32 सेकंड के समय के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
भारत के लिए सकारात्मक शुरुआत
कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत ने सिर्फ पदक ही नहीं जीता, बल्कि कई खेलों में मजबूत दावेदारी भी पेश की। बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स और अन्य प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई, जिससे आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद बढ़ गई है।
मेडल टैली में भारत की स्थिति
झंडू कुमार के कांस्य पदक के बाद भारत ने मेडल टैली में अपना खाता खोला। एक पदक के साथ भारत शीर्ष-10 देशों में शामिल हो गया। हालांकि प्रतियोगिता अभी शुरुआती दौर में है और आने वाले दिनों में भारतीय दल के पास कई और पदक जीतने के अवसर होंगे।
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