SIR Draft Voter List 2026: दिल्ली और महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट वोटर रोल (2026 Draft Voter Roll) जारी कर दिया गया है। बता दें दोनों राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे हैं। दिल्ली में करीब 47.56 लाख और महाराष्ट्र में लगभग 2.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर हैं। ऐसे में मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे समय रहते अपना नाम चेक करें और जरूरत होने पर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं। आइए यहां पढ़ें खबर को लेकर पूरी जानकारी
SIR के तहत जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची (Delhi-Maharashtra Draft Voter List 2026) के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत अब ड्राफ्ट वोटर रोल जारी किया गया है। इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग की ओर से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इसके साथ ही मतदाता संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में दर्ज करने की प्रक्रिया भी की गई।
बता दें सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पाया, जिनके फॉर्म जमा नहीं हुए या जिनकी जानकारी का डिजिटाइजेशन पूरा नहीं हो सका, उनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। इसमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अन्य श्रेणियों से जुड़े मामले भी शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली में 47 लाख से ज्यादा नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर
दिल्ली में SIR के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर रोल को लेकर बड़ी संख्या सामने आई है। राजधानी में करीब 1 करोड़ 45 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 47 लाख 56 हजार 722 मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं।
वहीं, करीब 97 लाख 53 हजार 507 मतदाताओं के रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन हो पाया है। ऐसे में जिन मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में अपना नाम नहीं मिल रहा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग की तय प्रक्रिया के तहत वे अपना दावा दाखिल कर सकते हैं।
महाराष्ट्र में करीब 2.07 करोड़ नाम नहीं
महाराष्ट्र में भी SIR के ड्राफ्ट रोल के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में नहीं दिखाई दे रहे हैं। राज्य में करीब 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं।
इनमें ऐसे मामले शामिल हैं जहां मतदाता के फॉर्म जमा नहीं हो सके या उपलब्ध रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन पूरा नहीं हो पाया। इसलिए ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने को अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित मतदाता तय समयसीमा के भीतर अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें?
अब अगर आपने SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक किया और नाम नहीं मिला, तो सबसे पहले अपने रिकॉर्ड की दोबारा जांच करें। इसके बाद जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दाखिल किया जा सकता है।
31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। यानी मतदाताओं के पास अपनी जानकारी ठीक कराने या नाम को सूची में शामिल कराने के लिए पर्याप्त समय है। दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना नाम
SIR ड्राफ्ट वोटर रोल में अपना नाम देखने के लिए मतदाता चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल पर जा सकते हैं। वहां राज्य का चयन करके संबंधित ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण खोजा जा सकता है।
नाम चेक करने के लिए:
- चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल पर जाएं।
- ड्राफ्ट वोटर रोल/इलेक्टोरल रोल डाउनलोड करने का विकल्प चुनें।
- अपने राज्य के रूप में दिल्ली या महाराष्ट्र का चयन करें।
- संबंधित विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र की जानकारी चुनें।
- ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम खोजें।
- नाम नहीं मिलने पर दावा या आपत्ति की प्रक्रिया अपनाएं।
नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6
ऐसे में अगर किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म 6 के जरिए दावा किया जा सकता है। इसके साथ आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इसलिए जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिला है, उन्हें अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय तय समयसीमा के भीतर दावा दाखिल कर देना चाहिए।
गलत नाम पर आपत्ति के लिए फॉर्म 7
अगर ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी ऐसे व्यक्ति का नाम शामिल है जो पात्र नहीं है, तो उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म 7 का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में गलत तरीके से शामिल नाम को लेकर आपत्ति दर्ज की जा सकती है।
वोटर आईडी में बदलाव के लिए फॉर्म 8
अगर आपका नाम मतदाता सूची में मौजूद है, लेकिन वोटर आईडी यानी EPIC में किसी तरह की गलती है, तो फॉर्म 8 के जरिए सुधार कराया जा सकता है। उदाहरण के लिए नाम की स्पेलिंग में गलती, पता बदलना या अन्य जरूरी विवरण में संशोधन के लिए इस फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है।
30 सितंबर तक जरूर करें अपना दावा
SIR ड्राफ्ट वोटर रोल जारी होने के बाद अब सबसे जरूरी काम मतदाताओं का अपना नाम जांचना है। दिल्ली और महाराष्ट्र के मतदाताओं को यह देख लेना चाहिए कि उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में मौजूद है या नहीं।
ऐसे में अगर नाम नहीं मिलता है, तो इसे वोटिंग अधिकार खत्म होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पात्र मतदाता 30 सितंबर 2026 तक दावा दाखिल कर सकते हैं। चुनाव आयोग दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार करेगा।
वहीं, अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी। इसलिए मतदाताओं के पास अभी अपनी जानकारी जांचने और जरूरी सुधार या दावा करने का मौका है।
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