Dharmendra Padma Vibhushan: भारतीय सिनेमा की जान और ही-मैन धर्मेंद्र किसी सुपरहीरो से कम नहीं थी। दरअसल, धर्मेंद्र और उनके परिवार के लिए बेहद ही खास दिन है। क्योंकि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को 25 मई 2026 यानी आज सोमवार के दिन मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ (Padma Vibhushan) से सम्मानित किया गया। दरअसल, यह सम्मान उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में रिसीव किया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। धर्मेंद्र की बेटी अहाना देओल अपने पिता को यह सम्मान मिलता देख खुद को रोक नहीं पाईं और वह वहीं पर ही रोने लगी, उनकी आंखों से आंसू छलकते हुए सभी लोगों ने वहां पर देखा।
बता दें कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस खास समारोह में जैसे ही हेमा मालिनी मंच पर पहुंचीं, हर किसी की नजर उन पर टिक गई। गुलाबी साड़ी में नजर आईं हेमा मालिनी के चेहरे पर एक तरफ गर्व था तो दूसरी तरफ धर्मेंद्र को खोने का दर्द भी साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने भावुक मन से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से यह सम्मान ग्रहण किया।
बेटी अहाना हुईं इमोशनल
इस समारोह में अहाना देओल के साथ उनके पति वैभव वोहरा भी मौजूद रहे। जब हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के लिए पद्म विभूषण सम्मान (Padma Vibhushan Award) लिया, तब अहाना तालियां बजाते हुए रो पड़ीं। उनके चेहरे पर पिता के प्रति गर्व और उन्हें खोने का दुख दोनों साफ नजर आ रहा था। वैभव वोहरा इस दौरान उन्हें संभालते दिखाई दिए। आज का यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए भी बेहद भावुक था। सोशल मीडिया पर समारोह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद धर्मेंद्र के फैंस भी भावुक हो गए। फैंस लगातार अभिनेता को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
ईशा देओल नहीं हो सकीं शामिल
अवॉर्ड समारोह (Award Ceremony) से पहले हेमा मालिनी ने बताया था कि उनकी दूसरी बेटी ईशा देओल भी राष्ट्रपति भवन आना चाहती थीं, लेकिन किसी जरूरी वजह से वह समारोह में शामिल नहीं हो सकीं। हेमा ने कहा था कि यह उनके पूरे परिवार के लिए गर्व और भावुकता से भरा पल है। उन्होंने यह भी बताया कि धर्मेंद्र को मिलने वाले इस सम्मान की जानकारी परिवार के सभी सदस्यों को थी और सभी इससे बेहद खुश थे। हालांकि समारोह में धर्मेंद्र के बड़े बेटे सनी देओल और बॉबी देओल नजर नहीं आए। धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर भी कार्यक्रम में मौजूद नहीं थीं।
दो परिवारों के बीच भी जुड़े रहे धर्मेंद्र
धर्मेंद्र की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा में रही। उन्होंने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर हैं, जिनसे उन्हें सनी देओल और बॉबी देओल सहित चार बच्चे हैं। बाद में उन्होंने हेमा मालिनी से शादी की, जिनसे उनकी दो बेटियां ईशा और अहाना देओल हैं। हालांकि दोनों परिवार अलग-अलग रहे, लेकिन धर्मेंद्र हमेशा अपने सभी बच्चों के करीब रहे। यही वजह है कि उनके निधन के बाद पूरा परिवार एकजुट नजर आया और हर किसी ने उन्हें अपने-अपने तरीके से याद किया।
6 दशक तक किया इंडियन सिनेमा पर राज
धर्मेंद्र भारतीय फिल्म इंडस्ट्री (Dharmendra Indian film Industry) के उन सितारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपनी एक्टिंग, एक्शन और सादगी से लाखों दिलों पर राज किया। उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ (He-Man) भी कहा जाता था। उन्होंने अपने करीब 6 दशक लंबे फिल्मी करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। रोमांस से लेकर एक्शन और इमोशनल किरदारों तक, धर्मेंद्र ने हर भूमिका में खुद को साबित किया। उनकी फिल्मों को आज भी दर्शक बड़े प्यार से देखते हैं। धर्मेंद्र ने साल 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे (Dil bhi tera hum bhi tere) से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

धर्मेंद्र की यादगार फिल्में (Dharmendra’s Memorable films)
धर्मेंद्र ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में शोले, फूल और पत्थर, सीता और गीता, मेरा गांव मेरा देश, हकीकत और बंदिनी जैसी फिल्में शामिल हैं। फिल्म ‘शोले’ में निभाया गया वीरू का किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद बोलने का अंदाज उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता था।
आखिरी समय तक करते रहे काम
धर्मेंद्र उन कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने उम्र के आखिरी पड़ाव तक काम करना नहीं छोड़ा। उनकी आखिरी फिल्म इक्कीस थी, जो उनके निधन के बाद रिलीज हुई। फिल्म इंडस्ट्री में लोग अक्सर उनकी सादगी, जिंदादिली और जमीन से जुड़े स्वभाव की तारीफ करते थे। उन्होंने कभी खुद को सुपरस्टार (Supperstar) की तरह पेश नहीं किया, बल्कि हमेशा आम इंसान की तरह जिंदगी जी। यही वजह रही कि लोग सिर्फ उनकी एक्टिंग ही नहीं बल्कि उनके व्यक्तित्व के भी दीवाने थे।
फैंस के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे धर्मेंद्र
आज भले ही धर्मेंद्र हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, संवाद और मुस्कान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाना उनके शानदार योगदान का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। राष्ट्रपति भवन में जब हेमा मालिनी (Hema Malini) ने नम आंखों से यह सम्मान लिया और बेटी अहाना रो पड़ीं, तब हर किसी को एहसास हुआ कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की धड़कन थे। भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा।



