LPG Price Hike: देशभर में महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में 29 रुपये का इजाफा किया है। नई कीमतें रविवार से लागू हो गई हैं, जिसके बाद लाखों परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने की आशंका है। रसोई गैस हर घर की जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। ऐसे में सिलेंडर के दाम बढ़ने की खबर ने गृहिणियों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक सभी की चिंता बढ़ा दी है।
रातों-रात बढ़े गैस सिलेंडर के दाम
शनिवार रात सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू LPG सिलेंडर की नई कीमतों का ऐलान किया। इस फैसले के बाद 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी हो गई। नई दरें 7 जून की रात 12 बजे के बाद से लागू कर दी गईं। इस बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख महानगरों में गैस सिलेंडर की कीमतें नए स्तर पर पहुंच गई हैं।
अब कितने का मिलेगा गैस सिलेंडर?
नई कीमतों के अनुसार राजधानी नई दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। इसी तरह अन्य प्रमुख शहरों में भी दाम बढ़े हैं।
- कोलकाता में नया दाम 968 रुपये हो गया है।
- मुंबई में गैस सिलेंडर अब 941 रुपये में मिलेगा।
- चेन्नई में इसकी कीमत बढ़कर 957.50 रुपये हो गई है।
इन कीमतों में स्थानीय करों के आधार पर थोड़ा अंतर हो सकता है।
लगातार बढ़ रहा है घरेलू खर्च
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित करेगी। पहले से ही खाद्य पदार्थों, दूध, सब्जियों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ी हुई हैं। ऐसे में रसोई गैस महंगी होने से आम परिवारों का मासिक खर्च और बढ़ जाएगा। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है।
कॉमर्शियल सिलेंडर भी हुआ था महंगा
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से पहले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी की गई थी। 1 जून को 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया था। कॉमर्शियल सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल होते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
क्यों बढ़ती हैं LPG की कीमतें?
एलपीजी सिलेंडर की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसका प्रमुख कारण होता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, परिवहन लागत और अन्य कर भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन महंगा होता है, तो उसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिलता है।
आम लोगों की बढ़ी चिंता
गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कई उपभोक्ताओं ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। गृहिणियों का कहना है कि हर महीने का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है जबकि आय में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हो रही। कई परिवारों को अब अपने मासिक खर्च की नई योजना बनानी पड़ सकती है।
राजनीति भी हुई गर्म
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शायराना अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए लिखा-
“रोटी के महंगे होने से थाली गई रूठ,
बीजेपी से अब तो हर आस गई टूट।”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। विपक्षी दलों ने भी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया है।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार की ओर से इस मूल्य वृद्धि पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। हालांकि ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और लागत के आधार पर किया जाता है। सरकारी तेल कंपनियां समय-समय पर बाजार की स्थिति के अनुसार दरों में संशोधन करती हैं।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर असर
देश में करोड़ों परिवार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि पात्र लाभार्थियों को सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ मिलता है, लेकिन कीमतों में वृद्धि का प्रभाव उन पर भी महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते हैं तो ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए यह चिंता का विषय बन सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बाजार की स्थिति पर LPG कीमतें निर्भर करेंगी। यदि वैश्विक बाजार में कीमतें स्थिर रहती हैं तो आगे राहत मिल सकती है। लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में और वृद्धि होती है तो घरेलू बाजार में भी उसका असर दिखाई दे सकता है।
आम आदमी की जेब पर फिर बोझ
फिलहाल इतना तय है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई 29 रुपये की बढ़ोतरी ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रसोई का बजट पहले ही महंगाई से प्रभावित था और अब गैस सिलेंडर के महंगे होने से घर चलाने की लागत और बढ़ गई है। देशभर के लाखों परिवार अब उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में कीमतों में कुछ राहत मिल सके ताकि घरेलू खर्च का दबाव कम हो।
Read Related News: मलयालम सिनेमा को बड़ा झटका! नेशनल अवॉर्ड विजेता सलीम कुमार का निधन,56 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस



