Neet Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद अब देशभर में छात्र संगठनों और अभिभावकों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है. दिल्ली स्थित National Testing Agency यानी NTA मुख्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. मुख्यालय के बाहर तीन लेयर की सिक्योरिटी तैनात की गई है और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.
कई राज्यों तक पहुंची जांच
NEET पेपर लीक मामले की जांच अब राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत करीब 10 राज्यों तक पहुंच चुकी है. जांच एजेंसियां लगातार नए सुराग जुटाने में लगी हैं. एक के बाद एक कई नए नाम सामने आने से मामला और गंभीर होता जा रहा है.
CBI कर रही है जांच
केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी है. सीबीआई की टीम लगातार अलग-अलग राज्यों में छापेमारी और पूछताछ कर रही है. गुरुवार देर रात जयपुर में आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया.
छात्रों में बढ़ी चिंता
करीब 23 लाख छात्र अब नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं. परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने महीनों मेहनत की थी और अब दोबारा तैयारी करना मानसिक रूप से बेहद मुश्किल हो रहा है.
कब होगी दोबारा परीक्षा?
NTA की ओर से अभी नई परीक्षा तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. हालांकि एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक नया शेड्यूल अगले 7 से 10 दिनों के भीतर जारी किया जा सकता है. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और अपनी तैयारी जारी रखें.
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
पेपर लीक विवाद अब Supreme Court of India तक पहुंच चुका है. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में NEET-UG 2026 को “सिस्टेमैटिक फेलियर” बताया गया है.
NTA को हटाने की मांग
याचिका में मांग की गई है कि NTA को परीक्षा संचालन से हटाया जाए और न्यायिक निगरानी में दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए. इस मांग को लेकर छात्र संगठनों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है.
छात्र संगठनों का प्रदर्शन
NEET विवाद के बाद कई छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए हैं. National Students’ Union of India और Students’ Federation of India के बाद अब Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र संगठन NTA को हटाने और निष्पक्ष परीक्षा की मांग कर रहे हैं.
जांच में क्या खुलासा हुआ?
जांच एजेंसियों की शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. सूत्रों के अनुसार यश यादव नाम के आरोपी के जरिए NEET का प्रश्नपत्र राजस्थान पहुंचा था. बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर उसकी PDF फाइल बनाई गई थी.
कैसे फैला पेपर?
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले प्रश्नपत्र को हाथ से लिखा और फिर उसे स्कैन किया. इसके बाद उसे अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया गया. अब एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह नेटवर्क कितना बड़ा था.
राजनीति भी हुई तेज
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और अब सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस विवाद ने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है. अगर परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होगा, तो इसका असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा.
सोशल मीडिया पर भी छाया मामला
सोशल मीडिया पर भी NEET पेपर लीक मामला लगातार ट्रेंड कर रहा है. छात्र और अभिभावक अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कई लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
NTA ऑफिस के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली में NTA मुख्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं. इसी वजह से कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग और सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई है.
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें CBI जांच और नई परीक्षा तारीख पर टिकी हैं. छात्र उम्मीद कर रहे हैं कि अगली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित की जाएगी. वहीं जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.
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