UPPSC APS 2023: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित अपर निजी सचिव (APS) परीक्षा 2023 का परिणाम देशभर के प्रतियोगी छात्रों और शिक्षा जगत के लिए चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर किसी भी भर्ती परीक्षा में कुछ सीटें खाली रह जाना असामान्य नहीं माना जाता, लेकिन यहां स्थिति बिल्कुल अलग है। 331 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया, फिर भी एक भी उम्मीदवार अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सका।
आयोग ने 2 जून 2026 को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की घोषणा कर दी। वजह यह रही कि दूसरे चरण की परीक्षा में कोई भी अभ्यर्थी निर्धारित मानकों के अनुसार हिंदी आशुलेखन (शॉर्टहैंड) की आवश्यक गति और शुद्धता हासिल नहीं कर पाया।
क्या है पूरा मामला?
UPPSC ने विज्ञापन संख्या A-5/E-1/2023 के तहत अपर निजी सचिव (APS) के 331 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। यह भर्ती उत्तर प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में सचिवीय कार्यों के लिए की जानी थी। इस भर्ती प्रक्रिया का पहला चरण 7 जनवरी 2024 को आयोजित किया गया था। परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया और परिणाम 4 मार्च 2024 को घोषित किया गया। पहले चरण में कुल 5889 उम्मीदवारों को दूसरे चरण की परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। इसके बाद दूसरा चरण 28 जून 2024 से 18 जुलाई 2024 तक लखनऊ में आयोजित किया गया। इस परीक्षा में 4240 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। लेकिन यहीं पर पूरी भर्ती प्रक्रिया अटक गई।
हिंदी आशुलेखन बना सबसे बड़ी चुनौती
APS पद के लिए केवल लिखित परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं होता। उम्मीदवारों को हिंदी टंकण और हिंदी आशुलेखन में दक्षता भी साबित करनी होती है।
दूसरे चरण की परीक्षा में:
- हिंदी आशुलेखन – 75 अंक
- हिंदी टंकण – 25 अंक
निर्धारित किए गए थे।
आयोग के नियमों के अनुसार हिंदी आशुलेखन में न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट की त्रुटिरहित गति अनिवार्य थी। यह केवल गति का परीक्षण नहीं था, बल्कि शुद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी। आयोग की समीक्षा में पाया गया कि कोई भी अभ्यर्थी निर्धारित मानक के अनुरूप 80 शब्द प्रति मिनट की शुद्ध गति हासिल नहीं कर पाया। परिणामस्वरूप किसी भी उम्मीदवार को तीसरे चरण के लिए योग्य घोषित नहीं किया गया।
तीसरे चरण तक नहीं पहुंच सका कोई उम्मीदवार
APS भर्ती प्रक्रिया में तीसरा चरण कंप्यूटर ज्ञान और अन्य कौशलों से संबंधित था। लेकिन जब दूसरे चरण में ही कोई अभ्यर्थी सफल नहीं हुआ, तो तीसरे चरण की परीक्षा आयोजित करने का सवाल ही नहीं उठा। यही कारण है कि आयोग ने पूरी चयन प्रक्रिया को समाप्त करते हुए भर्ती निरस्त कर दी। इसके साथ ही 331 पद फिलहाल रिक्त ही रहेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है APS पद?
अपर निजी सचिव (Additional Private Secretary) उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद माना जाता है। इस पद पर नियुक्त कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करते हैं और उन्हें सचिवीय सहायता प्रदान करते हैं।
इनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
- आधिकारिक पत्राचार
- बैठक संबंधी कार्य
- दस्तावेजों का संधारण
- नोटिंग और ड्राफ्टिंग
- शॉर्टहैंड और टंकण कार्य
यही वजह है कि भर्ती प्रक्रिया में आशुलेखन और टंकण को विशेष महत्व दिया जाता है।
क्या मानक बहुत कठिन थे?
परिणाम सामने आने के बाद प्रतियोगी छात्रों और विशेषज्ञों के बीच यह बहस शुरू हो गई है कि क्या आयोग द्वारा निर्धारित मानक अत्यधिक कठिन थे। कई विशेषज्ञों का मानना है कि 80 शब्द प्रति मिनट की त्रुटिरहित हिंदी शॉर्टहैंड गति हासिल करना आसान नहीं है। विशेष रूप से तब, जब अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में अब कंप्यूटर आधारित कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जाने लगा है। दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि APS जैसे पद के लिए उच्च स्तर की शॉर्टहैंड दक्षता आवश्यक है और आयोग ने केवल वही मानक लागू किए हैं जो वर्षों से निर्धारित हैं।
डिजिटल युग में शॉर्टहैंड का घटता महत्व?
इस परिणाम ने एक और महत्वपूर्ण सवाल खड़ा कर दिया है। क्या आज के डिजिटल युग में पारंपरिक हिंदी आशुलेखन की प्रासंगिकता कम हो रही है?
आज अधिकांश सरकारी कार्यालयों में:
- ई-ऑफिस सिस्टम
- डिजिटल नोटिंग
- वॉइस रिकॉर्डिंग
- कंप्यूटर आधारित दस्तावेज प्रबंधन
का उपयोग बढ़ गया है।
ऐसे में युवाओं का ध्यान कंप्यूटर कौशल और डिजिटल कार्यप्रणालियों पर अधिक केंद्रित हो गया है, जबकि शॉर्टहैंड जैसी पारंपरिक तकनीकों का अभ्यास कम होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही कारण हो सकता है कि हजारों उम्मीदवार लिखित परीक्षा में सफल हो गए, लेकिन शॉर्टहैंड टेस्ट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके।
अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका
यह परिणाम उन हजारों उम्मीदवारों के लिए बड़ा झटका है जिन्होंने महीनों या वर्षों तक इस परीक्षा की तैयारी की थी। पहले चरण में सफलता मिलने के बाद उम्मीदवारों को उम्मीद थी कि वे अंतिम चयन सूची तक पहुंच जाएंगे। लेकिन दूसरे चरण के परिणाम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि शॉर्टहैंड की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध नहीं हैं। वहीं कुछ उम्मीदवारों ने परीक्षा के मानकों की समीक्षा की मांग भी की है।
क्या दोबारा निकलेगी भर्ती?
फिलहाल आयोग ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी है, लेकिन 331 पद अब भी रिक्त हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में इन पदों के लिए नई भर्ती अधिसूचना जारी की जा सकती है। हालांकि आयोग की ओर से अभी तक नई भर्ती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उम्मीदवारों को UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट और आगामी विज्ञप्तियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
यूपीपीएससी की अन्य भर्तियों से अलग मामला
हाल के वर्षों में UPPSC की कई परीक्षाओं में पदों की तुलना में कम उम्मीदवार सफल हुए हैं, लेकिन ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि एक भी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के अगले चरण तक न पहुंच सके। APS 2023 भर्ती का यह परिणाम इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 331 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित पूरी प्रक्रिया बिना किसी चयन के समाप्त हो गई।
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