PM Modi Andhra Pradesh Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। बता दें की हाल ही में हुए CJP प्रोटेस्ट के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था। जिसमें इस दौरान उन्होंने न केवल राज्य को हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है, बल्कि एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
जानकारी के लिए बता दें प्रधानमंत्री का कहना है कि देश में पहले कई बड़े संस्थानों और हवाई अड्डों का नाम केवल एक ही परिवार तक सीमित रखा जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने इस परंपरा को बदलने का काम किया है। अब देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों, जनजातीय नायकों और राष्ट्रनिर्माताओं के नाम पर नए संस्थानों का नाम रखा जा रहा है।
₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान करीब 18,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में सड़क, बंदरगाह, उद्योग, सेमीकंडक्टर, परिवहन और हवाई सेवाओं से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होंगे। सरकार का लक्ष्य केवल आधारभूत ढांचा बनाना नहीं बल्कि राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है।
एयरपोर्ट नामकरण पर क्या बोले पीएम मोदी?
संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश में एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों का नामकरण कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहता था। अब यह सोच बदल चुकी है। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे महान लोगों को सम्मान दे रही है जिन्होंने देश की आजादी और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी सोच के तहत भोगपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है। साथ ही, प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
आंध्र प्रदेश का सातवां हवाई अड्डा
भोगपुरम में बना यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश का सातवां एयरपोर्ट है। इसे लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
सरकार के अनुसार इस एयरपोर्ट से 17 अगस्त से नियमित उड़ानों की शुरुआत होगी। शुरुआती चरण में यहां से हर साल करीब 60 लाख यात्रियों के यात्रा करने की क्षमता होगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इसका विस्तार भी किया जाएगा। बता दें यह एयरपोर्ट विशाखापट्टनम क्षेत्र पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ उत्तर आंध्र के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।
Speaking at a programme in Bhogapuram, Andhra Pradesh. Today's projects across aviation, clean energy, semiconductors and connectivity will contribute to the state's development.
https://t.co/FYHq8N02n3— Narendra Modi (@narendramodi) August 1, 2026
देश में तेजी से बढ़ा एयरपोर्ट नेटवर्क
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से बढ़कर 166 हो गई है। पहले हवाई यात्रा केवल बड़े शहरों तक सीमित थी, लेकिन अब छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों के लोग भी आसानी से हवाई सफर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के हर क्षेत्र को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है ताकि व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिल सके।
13,500 आदिवासी महिलाओं ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए कार्यक्रम में एक अनूठा सांस्कृतिक आयोजन भी देखने को मिला है। करीब 13,500 आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक धिमसा नृत्य प्रस्तुत कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह नृत्य आंध्र प्रदेश और आसपास के आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि भारत की विविध संस्कृति ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और जनजातीय समाज देश की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उत्तर आंध्र को मिलेगा बड़ा फायदा
प्रधानमंत्री ने कहा कि नया एयरपोर्ट केवल यात्रियों की सुविधा के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि यह उत्तर आंध्र के आर्थिक विकास का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी। इसके अलावा होटल, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में भी नए रोजगार पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने इसे उत्तर आंध्र के युवाओं के भविष्य का “लॉन्च पैड” बताया।
कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे तटीय क्षेत्र को कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है। इसके तहत पुराने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और नए पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। बेहतर सड़क और रेल संपर्क के जरिए उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे निर्यात बढ़ेगा और आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल होगा।
विशाखापट्टनम में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट के शिलान्यास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हाई-टेक उद्योगों को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सराहना
दरअसल अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास को लेकर स्पष्ट विजन के साथ काम कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आंध्र प्रदेश को निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं का लाभ आने वाले वर्षों में पूरे राज्य को मिलेगा।
क्या होगा इन परियोजनाओं का असर?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और अन्य विकास परियोजनाएं आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इन परियोजनाओं से पर्यटन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स, निर्यात और उद्योगों को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो उत्तर आंध्र क्षेत्र देश के तेजी से विकसित होने वाले आर्थिक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।
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