NEET UG Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का दावा है कि वह कथित बायोलॉजी प्रश्नपत्र लीक मामले की प्रमुख सूत्रधार थीं. CBI की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत और परीक्षा प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. खास बात यह है कि मनीषा मंधारे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़ी विशेषज्ञ थीं और उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में अहम जिम्मेदारी दी गई थी.
कौन हैं मनीषा मंधारे?
मनीषा गुरुनाथ मंधारे महाराष्ट्र की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका बताई जा रही हैं. वह लंबे समय से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हुई थीं और बायोलॉजी विषय की विशेषज्ञ मानी जाती थीं. जानकारी के अनुसार, उन्हें NTA द्वारा NEET UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया था. इसी वजह से उन्हें वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच प्राप्त थी. CBI का दावा है कि इसी पहुंच का फायदा उठाकर कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक किया गया.
दिल्ली में हुई गिरफ्तारी
CBI ने मनीषा मंधारे को गहन पूछताछ के बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी पिछले कई दिनों से उनसे जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही थी. पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर एजेंसी ने कार्रवाई की. गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई.
NTA पैनल की सदस्य थीं मंधारे
जांच एजेंसियों के अनुसार, मनीषा मंधारे सिर्फ एक शिक्षिका नहीं थीं, बल्कि NTA के विशेषज्ञ पैनल की सदस्य भी थीं. उन्हें NEET UG परीक्षा की प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया गया था. यही वजह है कि उनके पास बायोलॉजी सेक्शन के महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक पहुंच थी. CBI का कहना है कि उन्होंने अपने पद और जिम्मेदारी का गलत इस्तेमाल किया.
कैसे हुआ कथित पेपर लीक?
CBI जांच के अनुसार, अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंधारे ने संभावित NEET उम्मीदवारों की पहचान शुरू की. इसके लिए उन्होंने एक अन्य आरोपी मनीषा वागमारे की मदद ली, जिसे पहले ही 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसी का आरोप है कि मंधारे और वागमारे ने मिलकर कुछ छात्रों को कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी.
पुणे स्थित घर पर विशेष क्लास
CBI के अनुसार, मनीषा मंधारे ने पुणे स्थित अपने घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सत्र भी आयोजित किए. इन क्लासों में कथित तौर पर NEET परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न और विषय पढ़ाए गए. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्रों को सीधे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे या उन्हें संभावित सवालों की जानकारी दी गई थी.
बायोलॉजी पेपर पर था फोकस
जांच में सामने आया है कि पूरा मामला मुख्य रूप से बायोलॉजी सेक्शन से जुड़ा हुआ है. क्योंकि मनीषा मंधारे वनस्पति विज्ञान विशेषज्ञ थीं, इसलिए उन्हें बॉटनी और जूलॉजी प्रश्नपत्रों तक विशेष पहुंच प्राप्त थी. CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र किस स्तर तक लीक हुआ और इसमें कितने लोग शामिल थे.
देशभर में CBI की छापेमारी
पिछले 24 घंटों के दौरान CBI ने देशभर में छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की. इस दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल डाटा और वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है.
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच जारी
CBI अब जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है. एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र किस माध्यम से साझा किया गया और इसके पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है. बैंक खातों और लेन-देन की भी जांच की जा रही है ताकि कथित आर्थिक लाभ के पहलू को समझा जा सके.
12 मई को दर्ज हुआ था केस
CBI ने इस मामले में 12 मई 2026 को केस दर्ज किया था. यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर की गई थी. केस दर्ज होने के बाद एजेंसी ने विशेष जांच टीमों का गठन किया और देशभर में कई स्थानों पर जांच शुरू की गई.
कई संदिग्धों से पूछताछ
जांच के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. CBI सूत्रों के अनुसार, कुछ और लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. एजेंसी को शक है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है.
परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद देश की परीक्षा प्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं. NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. कई लोगों ने परीक्षा सुरक्षा और NTA की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
छात्रों में नाराजगी
सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा देखने को मिल रहा है. कई छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो इससे ईमानदार उम्मीदवारों का नुकसान होता है. छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
NTA पर बढ़ा दबाव
इस पूरे मामले के बाद NTA पर भी दबाव बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रक्रिया और प्रश्नपत्र सुरक्षा को लेकर एजेंसी को और सख्त कदम उठाने होंगे. हालांकि NTA की ओर से फिलहाल मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
क्या और गिरफ्तारियां होंगी?
CBI सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. एजेंसी अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है. जांचकर्ताओं का मानना है कि पेपर लीक मामले में कई स्तरों पर लोगों की संलिप्तता हो सकती है.
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
NEET UG पेपर लीक मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. चूंकि NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, इसलिए लाखों छात्रों का भविष्य इससे जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस तरह के आरोपों ने परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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