भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा हालात एक बार फिर गंभीर है। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद से पाकिस्तान भारत के खिलाफ प्लानिंग में जुटा हुआ है। ऐसे में पाक में घबराकर सीमा के आस-पास मौजूद 72 आतंकवादी लॉन्चपैड्स को पीछे की दिशा में गहराई वाले क्षेत्रों में शिफ्ट कर दिया है।
बता दें कि शनिवार 29 नवंबर को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की और सेना को अलर्ट किया।
सीमा पर लॉन्चपैड्स
इस संदर्भ में BSF DIG विक्रम कुंवर का कहना है कि सियालकोट और ज़फरवल सेक्टरों के दूरस्थ इलाकों में लगभग 12 लॉन्चपैड सक्रिय हैं, जबकि अन्य इलाकों में करीब 60 लॉन्चपैड काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ये लॉन्चपैड स्थायी नहीं होते हैं, बल्कि आतंकियों को भारत में घुसाने से ठीक पहले ही सक्रिय किए जाते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल सीमा के नजदीक कोई प्रशिक्षण कैंप मौजूद नहीं है। इसका मतलब साफ है कि पाकिस्तान फिलहाल सीधे सीमा पर किसी बड़े प्रशिक्षण गतिविधि को अंजाम नहीं दे रहा है।

आतंकियों को प्रशिक्षण
DIG कुंवर के अनुसार, पहले जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अलग-अलग क्षेत्रों में ट्रेनिंग लेते थे। लेकिन वही, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने इन दोनों गुटों के आतंकियों को एक साथ ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया, ताकि वह अब मजबूती के साथ अपने अंजाम को पूरा कर सके।
इसके साथ ही वह अब आतंकियों को संयुक्त रूप से तैयार कर रहे हैं और गतिविधियों को और अधिक गोपनीय बनाना है।
BSF हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार
BSF के जम्मू फ्रंटियर IG शशांक आनंद ने साफ कहा कि अगर केंद्र सरकार ऑपरेशन सिंदूर को फिर से शुरू करने का आदेश देती है, तो BSF तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि BSF ने 1965, 1971, करगिल 1999 और हालिया ऑपरेशन सिंदूर जैसे कई युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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