Patna Didarganj Fire: बिहार की राजधानी पटना के दीदारगंज इलाके में रविवार देर रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। दीदारगंज थाना क्षेत्र के महुली रोड स्थित एक बड़े तेल, रिफाइंड और डालडा गोदाम में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में रिफाइंड तेल, सरसों तेल और डालडा का भंडारण किया गया था, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए दो दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियों को लगाया गया, लेकिन कई घंटे की मशक्कत के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
देर रात मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग रविवार देर रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच लगी। शुरुआत में लोगों ने गोदाम से धुआं उठता देखा। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवार एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए।
तेल और डालडा होने से तेजी से फैली आग
जिस गोदाम में आग लगी, वहां रिफाइंड तेल, सरसों तेल और डालडा का बड़े पैमाने पर भंडारण किया गया था। ज्वलनशील पदार्थ अधिक मात्रा में होने के कारण आग ने कुछ ही समय में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, तेल आधारित उत्पादों में लगी आग सामान्य आग की तुलना में अधिक तेजी से फैलती है और उसे नियंत्रित करना भी काफी कठिन होता है। यही वजह रही कि दमकल कर्मियों को लगातार कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।
दो दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना और आसपास के विभिन्न फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। करीब दो दर्जन से अधिक फायर टेंडर लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। अग्निशमन कर्मियों ने कई दिशाओं से पानी और फोम की बौछार कर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे राहत कार्य में काफी चुनौती आई।
सड़क पर बहने लगा तेल
आग लगने के बाद गोदाम में रखा तेल पिघलकर बाहर निकलने लगा और सड़क तक फैल गया। तेल फैलने से सड़क पर फिसलन की स्थिति बन गई। इसे देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। प्रशासन ने आसपास के लोगों से भी घटनास्थल से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
फिलहाल आग लगने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। हालांकि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग के अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाएगी, जिसके बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
इस गोदाम से बिहार के विभिन्न जिलों में रिफाइंड तेल, सरसों तेल और डालडा की आपूर्ति की जाती थी। आग लगने से बड़ी मात्रा में रखा स्टॉक पूरी तरह जल गया। हालांकि प्रशासन ने अभी तक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई है। गोदाम मालिक और प्रशासन संयुक्त रूप से नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य लगातार जारी
अग्निशमन विभाग की टीमें कई घंटों तक लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। दमकल कर्मियों का मुख्य उद्देश्य आग को आसपास की इमारतों और अन्य गोदामों तक फैलने से रोकना था। इसके लिए आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह खाली कराया गया। पुलिस भी मौके पर तैनात रही और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की वजह, सुरक्षा मानकों के पालन और गोदाम में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में दहशत
भीषण आग और ऊंची उठती लपटों को देखकर आसपास के इलाके में रहने वाले लोग काफी घबरा गए। कई लोगों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि दूर से ही धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। लोगों को डर था कि कहीं आग आसपास की इमारतों तक न फैल जाए। हालांकि प्रशासन और फायर ब्रिगेड की तत्परता के कारण स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया।
अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर बड़े गोदामों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण किया जाता है, वहां नियमित सुरक्षा ऑडिट, आधुनिक अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। ऐसी घटनाएं केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचातीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं।
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