PM Modi Balotra Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार, 4 जुलाई को राजस्थान के बालोतरा में जनता को संबोधित किया और साथ ही कई बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के समय भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऊर्जा संकट की थी। दरअसल, खाड़ी देशों से एलपीजी (LPG) की सप्लाई प्रभावित होने के बाद सरकार ने तेजी से फैसले लेकर देश में गैस की कमी नहीं होने दी। क्योंकि भारत में सही समय पर रणनीति बनाई गई, ताकि रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने और कूटनीतिक प्रयासों की वजह से देश इस चुनौती से सफलतापूर्वक बाहर निकले और वह हुआ भी है। इसी कारण से आज हमारा देश मजबूती के साथ खड़ा है।
पश्चिम एशिया के युद्ध का भारत पर पड़ा असर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया। कई विकसित देशों को ईंधन की कमी (Fuel Shortage) का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने समय रहते जरूरी कदम उठाए और हालात को नियंत्रण में रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार (BJP Government) ने संकट की गंभीरता को पहले ही समझ लिया था और उसी के अनुसार रणनीति तैयार की गई। सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग किया गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक ताकत का भी प्रभावी इस्तेमाल हुआ।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर भी हमला बोला और कहा कि जब सरकार संकट से निपटने के लिए लगातार काम कर रही थी, तब कुछ राजनीतिक ताकतें देश में भ्रम और अफवाह फैलाने में लगी थीं। उस समय सरकार के अलग-अलग विभाग दिन-रात काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान लिए गए फैसले और किए गए प्रयास आने वाले समय में देश के इतिहास का अहम हिस्सा बनेंगे।
भारत की एलपीजी सप्लाई की परेशानी कैसे हुई?
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारत अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। इसमें लगभग 90 प्रतिशत गैस खाड़ी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते भारत पहुंचती है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद इस समुद्री मार्ग से गैस की सप्लाई (Gas supply) प्रभावित हो गई थी। यदि समय पर कदम नहीं उठाए जाते तो देश में रसोई गैस का बड़ा संकट खड़ा हो सकता था।
रिफाइनरियों का बढ़ाया गया उत्पादन
पीएम मोदी ने कहा कि सप्लाई प्रभावित होते ही सरकार ने देश की रिफाइनरियों की उत्पादन (Refinery production) क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया, जिन रिफाइनरियों में पहले औद्योगिक उपयोग के लिए गैस तैयार होती थी, उन्हें एलपीजी उत्पादन के लिए तैयार किया गया। इस फैसले का असर सिर्फ 7 दिनों में दिखाई दिया। देश में एलपीजी का घरेलू उत्पादन (Domestic production of LPG) 35 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गया। कुछ ऐसी रिफाइनरियों को भी एलपीजी (LPG) उत्पादन के लिए तैयार किया गया, जहां पहले यह उत्पादन नहीं होता था।
PNG कनेक्शन पर भी दिया गया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल एलपीजी उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं था। इसलिए सरकार ने पाइप प्राकृतिक गैस (PNG) कनेक्शन बढ़ाने का भी अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि बहुत कम समय में करीब 11 लाख नए घरों को PNG नेटवर्क से जोड़ा गया। इससे एलपीजी सिलेंडरों (LPG Cylinders) पर दबाव कम हुआ और गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिली।

सिलेंडर की कीमतों पर भी कही बड़ी बात
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹2,000 तक पहुंच सकती थी। हालांकि सरकार की नीतियों और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आज भी सामान्य घरेलू गैस सिलेंडर (Domestic Gas Cylinder) ₹950 से कम कीमत पर उपलब्ध है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana beneficiaries Subsidy) के बाद सिलेंडर ₹650 से कम में मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों (Commercial Gas Cylinder Prices) में की गई कटौती का भी उल्लेख किया और इसे सरकार की जनहितैषी नीति का हिस्सा बताया।
पीएम मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को मिली बड़ी विकास परियोजनाएं
बताया जा रहा है कि आज बालोतरा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के लिए करीब ₹1.06 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। इन परियोजनाओं में पेट्रोकेमिकल्स, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, शहरी परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली ट्रांसमिशन और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई गति देंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का लाभ प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश को मिलेगा।
पीएम मोदी ने गिनाए संकट प्रबंधन के जरूरी कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने ऊर्जा संकट के दौरान कई स्तरों पर मिलकर पूरी शाक्ति के साथ काम किया। सरकार ने आयात व्यवस्था पर नजर रखी, घरेलू उत्पादन बढ़ाया, वैकल्पिक गैस व्यवस्था (Gas Supply System) को मजबूत किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने कहा कि यही कारण रहा कि दुनिया के कई देशों को जहां ईंधन संकट का सामना करना पड़ा, वहीं भारत में आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। भारत सरकार (Government of India) का लक्ष्य हमेशा नागरिकों को राहत देना और आवश्यक सेवाओं को उन तक सही समय पर पहुंचना है।
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