PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देश के कई प्रेरणादायक प्रयासों और उपलब्धियों का जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के दो उभरते सितारों अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की विशेष रूप से सराहना की. पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और दुनिया में देश का नाम रोशन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के युवा खिलाड़ी अब सिर्फ प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले रहे, बल्कि रिकॉर्ड भी तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज भारतीय एथलीटों की मेहनत और समर्पण का परिणाम पूरी दुनिया देख रही है. इसी कड़ी में उन्होंने स्प्रिंटर्स अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह का उदाहरण दिया, जिन्होंने हाल के महीनों में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है.
मन की बात में खेलों को मिला विशेष स्थान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में खेल संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है. छोटे शहरों और गांवों से निकलकर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना रहे हैं. उन्होंने युवाओं से खेलों को अपनाने और फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील भी की. पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाता है तो वह केवल अपनी जीत नहीं होती, बल्कि पूरे देश की उपलब्धि बन जाती है. ऐसे खिलाड़ी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं.
कौन हैं अनिमेष कुजूर?
अनिमेष कुजूर भारतीय एथलेटिक्स के उभरते हुए स्प्रिंटर हैं, जिन्होंने कम समय में अपनी तेज रफ्तार से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. छत्तीसगढ़ से ताल्लुक रखने वाले अनिमेष ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है. अनिमेष खास तौर पर 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ के लिए जाने जाते हैं. हाल के वर्षों में उन्होंने अपनी टाइमिंग में लगातार सुधार किया है और भारतीय स्प्रिंटिंग में नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अनिमेष भारत के लिए एशियाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं. उनकी फिटनेस, अनुशासन और तकनीकी दक्षता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है.
संघर्ष से सफलता तक का सफर
अनिमेष का सफर आसान नहीं रहा. सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा. शुरुआती दिनों में उन्हें बेहतर सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा, लेकिन मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई. उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं. यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया.
कौन हैं गुरिंदरवीर सिंह?
गुरिंदरवीर सिंह भारतीय एथलेटिक्स के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने हाल के समय में स्प्रिंट इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया है. पंजाब के रहने वाले गुरिंदरवीर ने अपनी रफ्तार और तकनीक के दम पर राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी और नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं. 100 मीटर दौड़ में उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है. कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने बेहतरीन टाइमिंग दर्ज की है, जिससे भारतीय एथलेटिक्स को नई उम्मीद मिली है.
भारतीय स्प्रिंटिंग को मिल रही नई पहचान
लंबे समय तक भारत की पहचान मुख्य रूप से लंबी दूरी की दौड़ या फील्ड इवेंट्स में रही, लेकिन अब स्प्रिंटिंग में भी भारतीय खिलाड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर जैसे एथलीटों ने यह दिखाया है कि भारतीय धावक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में इस बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय युवा खेलों में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं.
मन की बात में चोला साम्राज्य की विरासत का भी जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में हाल ही में नीदरलैंड से भारत लौटाई गईं चोला काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन ताम्रपट्टिकाओं में चोला साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास, समुद्री शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख मिलता है. पीएम मोदी ने बताया कि ये ताम्रपट्टिकाएं राजा राजेंद्र चोला प्रथम और राजा राजा चोला से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर हैं. इनकी वापसी भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
केरल के साजी वलासेरिल की भी सराहना
मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने केरल के अलुवा में चल रहे एक अनोखे स्विमिंग अभियान का भी जिक्र किया. साजी वलासेरिल नामक व्यक्ति वर्षों से लोगों को मुफ्त में तैराकी सिखा रहे हैं. पीएम मोदी ने बताया कि साजी के प्रयासों से अब तक 15 हजार से अधिक लोग तैरना सीख चुके हैं. उन्होंने दिव्यांग बच्चों को भी प्रशिक्षण दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा के लिए बड़े संसाधनों की नहीं बल्कि बड़े इरादों की जरूरत होती है.
खेलों में बढ़ रहा भारत का दबदबा
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. सरकार की ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के कारण नई प्रतिभाओं को अवसर मिल रहा है. इसका परिणाम यह है कि देश के दूर-दराज इलाकों से भी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर रहे हैं.
युवाओं के लिए प्रेरणा बने खिलाड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह जैसे खिलाड़ी केवल पदक नहीं जीत रहे, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं को प्रेरित भी कर रहे हैं. उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेलों को केवल मनोरंजन के रूप में न देखें, बल्कि इसे करियर और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में अपनाएं.
भारतीय एथलेटिक्स का उज्ज्वल भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिलता रहा तो आने वाले वर्षों में भारत एथलेटिक्स में भी बड़ी ताकत बन सकता है. अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह जैसे खिलाड़ियों की सफलता इस दिशा में सकारात्मक संकेत है. दोनों खिलाड़ी भविष्य में एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक में भारत के लिए बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं.
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