PM Modi Viksit Vibrant: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ (PM Modi Viksit Vibrant Village Programme) के प्रतिभागियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘विकसित गांव ही विकसित भारत की पहचान’ हैं। पीएम मोदी ने सीमावर्ती गांवों में रहकर लौटे युवाओं के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि देश को समझने का सबसे अच्छा तरीका लोगों के बीच जाकर उनके जीवन को करीब से जानना है।
जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों (Border Areas) में बिताया गया समय केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि देश को करीब से समझने का अवसर था। उन्होंने कहा कि जब युवा गांवों, खासकर सीमावर्ती इलाकों से जुड़ते हैं, तो उनके भीतर देश के लिए कुछ करने की भावना और मजबूत होती है। यही भावना विकसित भारत (Viksit Bharat) के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
सीमावर्ती गांवों की चुनौतियों को करीब से देखा
पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि इस कार्यक्रम में शामिल हुए सभी युवाओं ने खुद महसूस किया है कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का जीवन कितना कठिन है। वहां मौसम, भौगोलिक परिस्थितियां और संसाधनों की कमी जैसी कई चुनौतियां हैं। इसके बावजूद वहां रहने वाले लोगों की देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण कभी कम नहीं होता। वहीं, इन गांवों के लोग हर परिस्थिति में देश के साथ खड़े रहते हैं और सीमाओं की सुरक्षा में उनका योगदान भी महत्वपूर्ण है। ऐसे लोगों से मिलना और उनके जीवन को समझना युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव है।
‘आखिरी गांव’ नहीं, देश का पहला गांव
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पहले की सरकारों की सोच में सीमावर्ती गांवों को देश का ‘आखिरी गांव’ माना जाता था। इसी कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति काफी धीमी रही। सड़क, बिजली, पानी, स्कूल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी थी।
उन्होंने कहा कि अब सरकार ने इस सोच को बदल दिया है। आज सीमावर्ती गांवों को देश का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए वहां तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। बेहतर सड़कें, संचार सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा की व्यवस्था मजबूत की जा रही है ताकि इन गांवों के लोगों का जीवन आसान बन सके।

विकसित गांव से बनेगा विकसित भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब गांवों का विकास तेज गति से होगा। उन्होंने कहा कि गांव केवल खेती या ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता की पहचान भी हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गांवों से जुड़ें, वहां की समस्याओं को समझें और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाएं। इससे देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।
युवाओं की भूमिका सबसे अहम
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि जब युवा समाज के बीच जाकर काम करते हैं, तो उनमें नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक और विशेष रूप से युवाओं की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। देश का भविष्य युवाओं के विचार, मेहनत और संकल्प पर निर्भर करता है।
Interacting with the participants of the Viksit Vibrant Village Programme. Great to see that the initiative is instilling a deeper sense of nation-building among the youth.#Youth4ViksitBharat #MYBharat https://t.co/2vCFle03vY
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
3 लाख युवाओं में से चुने गए 400 प्रतिभागी
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 (Viksit Vibrant Village Program 2026) को लेकर देशभर के युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस कार्यक्रम के लिए करीब 3 लाख युवाओं ने आवेदन किया, जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 400 से अधिक प्रतिभागियों को चुना गया।
इन युवाओं ने एक सप्ताह तक सीमावर्ती गांवों में रहकर स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया। उन्होंने वहां की संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और जीवनशैली को करीब से जाना। साथ ही उन्होंने स्थानीय समुदाय के साथ संवाद कर उनके अनुभवों से भी सीख हासिल की।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की झलक
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत किया है। अलग-अलग राज्यों से आए युवा जब सीमावर्ती गांवों में पहुंचे तो उन्होंने अपनी संस्कृति वहां के लोगों के साथ साझा की और स्थानीय संस्कृति को भी समझा।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत बनाते हैं। जब देश का युवा एक-दूसरे की संस्कृति और जीवनशैली को समझता है, तो आपसी विश्वास और सम्मान भी बढ़ता है।
‘देश पहले, सुविधाएं बाद में’ का संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा है कि सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों का जीवन यह सिखाता है कि देश पहले है और सुविधाएं बाद में है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद वहां के लोग राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि यही भावना हर युवा के भीतर होनी चाहिए।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने यह भी विश्वास जताया है कि विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Viksit Vibrant Village Program) जैसे प्रयास आने वाले समय में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए और अधिक प्रेरित करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जब युवा देश की वास्तविक परिस्थितियों को समझेंगे और समाज से जुड़ेंगे, तभी विकसित भारत (Viksit Bharat) का सपना तेजी से साकार होगा।
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