Qatar News: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके सम्मान में केंद्र सरकार ने देशभर में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान पूरे भारत में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सरकारी स्तर पर किसी भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। भारत और कतर के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऐसे में पूर्व अमीर के निधन पर भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय शोक की घोषणा दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक मानी जा रही है।
केंद्र सरकार ने जारी किया राष्ट्रीय शोक का आदेश
केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के दिन पूरे देश में सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इसके अलावा सरकारी स्तर पर आयोजित होने वाले मनोरंजन संबंधी कार्यक्रम भी स्थगित रहेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए लिया गया है। राष्ट्रीय शोक के दौरान सरकारी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कतर के पूर्व अमीर ने अपने देश के विकास और भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री ने शोक संदेश में दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार, कतर की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
किरेन रिजिजू करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
सरकारी जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर जाएंगे और भारत सरकार की ओर से आधिकारिक संवेदना व्यक्त करेंगे। उनकी यात्रा के दौरान वह कतर के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत राजनयिक संबंधों का भी प्रतीक मानी जा रही है।
कौन थे शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी?
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी कतर के पूर्व अमीर थे और उन्होंने देश के आधुनिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके शासनकाल में कतर ने ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और वैश्विक निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। उनके नेतृत्व में कतर दुनिया के प्रमुख प्राकृतिक गैस उत्पादक देशों में शामिल हुआ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान लगातार मजबूत हुई।
भारत-कतर संबंधों को मिली नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि शेख हमद के कार्यकाल में भारत और कतर के संबंधों को नई मजबूती मिली। ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा और भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों को इसी दौर में गति मिली। आज कतर भारत के प्रमुख ऊर्जा साझेदार देशों में शामिल है और बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वहां काम करते हैं।
भारतीय समुदाय के लिए भी अहम रहा योगदान
कतर में लाखों भारतीय प्रवासी रहते और काम करते हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का सबसे बड़ा आधार यही भारतीय समुदाय माना जाता है। पूर्व अमीर के कार्यकाल में भारतीय समुदाय को कई क्षेत्रों में अवसर मिले और दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी संबंध मजबूत हुए।
राष्ट्रीय शोक के दौरान क्या रहेगा प्रभाव?
राष्ट्रीय शोक के दौरान पूरे देश में सरकारी कार्यालय सामान्य रूप से कार्य करेंगे, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इसके साथ ही सरकारी स्तर पर किसी भी प्रकार के औपचारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। यह भारत सरकार की राजकीय परंपराओं का हिस्सा है, जिसका पालन विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और विशिष्ट नेताओं के निधन पर भी किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोक
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है। विभिन्न देशों ने उन्हें दूरदर्शी नेता बताते हुए कतर के विकास और क्षेत्रीय स्थिरता में उनके योगदान को याद किया है। कई देशों ने कतर की सरकार और शाही परिवार के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।
भारत-कतर साझेदारी आगे भी रहेगी मजबूत
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि शेख हमद के निधन के बावजूद भारत और कतर के रणनीतिक संबंध पहले की तरह मजबूत बने रहेंगे। ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, व्यापार, रक्षा सहयोग और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर दोनों देश आगे भी मिलकर काम करते रहेंगे।
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