Ram Mandir Donation Scam: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा (दान) चोरी मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) को एक और बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर पुलिस ने एक ब्रेजा कार बरामद की है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह वाहन कथित तौर पर चोरी की रकम से खरीदा गया हो सकता है। इसके अलावा आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा, सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामदगी के बाद अब यह पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर चुराई गई रकम का इस्तेमाल किन-किन संपत्तियों को खरीदने में किया गया। जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है और कई अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
13 घंटे की पुलिस रिमांड में पूछताछ
अविनाश शुक्ला फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ के दौरान उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर कई स्थानों पर जांच की गई और कुछ अहम साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में मामले से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
घर से मिली बड़ी नकदी
जांच के दौरान अविनाश शुक्ला के घर से अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से लगभग 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, करीब 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक ब्रेजा कार भी जब्त की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपत्तियों की खरीद का स्रोत क्या था और क्या इनका संबंध कथित चढ़ावा चोरी से है।
घर पहुंची थी पुलिस टीम
जांच के क्रम में पुलिस की एक टीम आरोपी के घर भी पहुंची। अधिकारियों ने वहां मौजूद परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने घर पर मौजूद लोगों से आरोपी की गतिविधियों, आर्थिक लेन-देन और हाल के वर्षों में खरीदी गई संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई।
योग केंद्र से मिला दानपत्र
जांच के दौरान पुलिस ने अयोध्या के कौशल्यपुरी क्षेत्र स्थित एक योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ नाम का एक दानपत्र भी बरामद किया है। इस दानपत्र पर डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड लगा हुआ था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस दान व्यवस्था का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसका मामले से कोई संबंध है या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय तक इसी योग केंद्र से जुड़ा रहा था।
SIT की जांच का दायरा बढ़ा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित SIT लगातार विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। टीम ने अयोध्या में कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मंदिर परिसर और मामले से जुड़े अन्य पक्षों के बारे में भी विस्तृत जानकारी एकत्र की गई। हालांकि, जांच से जुड़ी कई बातें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं क्योंकि जांच जारी है।
चोरी की रकम का इस्तेमाल कहां हुआ?
जांच एजेंसियों का सबसे बड़ा फोकस अब इस बात पर है कि कथित तौर पर चोरी की गई रकम का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया। यदि जांच में यह साबित होता है कि इस पैसे से चल-अचल संपत्तियां खरीदी गई हैं, तो ऐसी संपत्तियों को जब्त करने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
डिजिटल और वित्तीय जांच भी जारी
पुलिस केवल नकदी और संपत्तियों की जांच तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल डेटा और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल से यह स्पष्ट हो सकता है कि कथित रकम का प्रवाह किन खातों या व्यक्तियों तक पहुंचा।
आगे क्या?
अधिकारियों के अनुसार, मामले में अभी जांच जारी है और आगे और भी लोगों से पूछताछ की जा सकती है। यदि नए साक्ष्य सामने आते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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