Sonam Wangchuk: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के क्षेत्र में अपने काम के लिए प्रसिद्ध सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल शुक्रवार देर रात समाप्त कर दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात और बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बीच इसे एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील भी की।
26 दिनों तक जारी रहा अनशन
सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर थे। उनका आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ था और देशभर से कई सामाजिक संगठनों, छात्रों, बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों ने उनके प्रति समर्थन जताया। अनशन के दौरान उनकी सेहत को लेकर भी लगातार चिंता जताई जा रही थी।
केंद्रीय मंत्रियों से हुई अहम मुलाकात
शुक्रवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने वांगचुक से मुलाकात की। बैठक के दौरान उनकी मांगों और आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की। इस मुलाकात को सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘संवाद ही लोकतंत्र का रास्ता’
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत और संवाद के माध्यम से ही समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनकी बातों को गंभीरता से सुनेगी और संबंधित मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाएगी। उन्होंने अपने समर्थकों से भी शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से उठाए गए हर मुद्दे के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है और सभी पक्षों के साथ संवाद जारी रहेगा। उनके अनुसार लोकतंत्र में संवाद सबसे मजबूत माध्यम है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी दिया भरोसा
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी बैठक के बाद सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि वांगचुक द्वारा उठाए गए विषयों पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा और संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए आगे भी बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि शांतिपूर्ण संवाद से बेहतर परिणाम निकल सकते हैं।
डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे वांगचुक
लगातार 26 दिनों तक भूख हड़ताल करने का असर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और धीरे-धीरे सामान्य भोजन शुरू कराया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे उपवास के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में आने में समय लगता है।
एक्स पर दी जानकारी
सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर भी अनशन समाप्त करने की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिनों बाद अपना उपवास समाप्त किया। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।
हिंसा से दूर रहने की अपील
अपने संदेश में वांगचुक ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होनी चाहिए और सभी लोग लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही एक वीडियो जारी कर पूरी बातचीत और फैसले की शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
जंतर-मंतर पर जारी रहा प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में देर रात तक समर्थकों की मौजूदगी बनी रही। घटना के समय तक मंच से अनशन समाप्त होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे और आंदोलन जारी रखने की बात कहते रहे।
आगे बढ़ सकती है बातचीत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनशन समाप्त होने के बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक वार्ता तेज हो सकती है। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो संबंधित मुद्दों के समाधान की संभावना भी मजबूत हो सकती है। फिलहाल सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के अगले कदम पर बनी हुई है।
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