SV Ramachandra Gowda death: कर्नाटक की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद रहा। राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री एस.वी. रामचंद्र गौड़ा का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और बेंगलुरु के चंद्र लेआउट स्थित एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह करीब 6:20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य और पार्टी के लिए उनके योगदान को याद किया।
लंबे समय से थे अस्वस्थ
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, एस.वी. रामचंद्र गौड़ा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बढ़ती उम्र के कारण उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उनका इलाज बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा था। डॉक्टरों की लगातार निगरानी के बावजूद मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया।
निजी संपत्ति पर होगा अंतिम संस्कार
परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एस.वी. रामचंद्र गौड़ा का अंतिम संस्कार कामाक्षीपाल्या स्थित उनकी निजी संपत्ति पर किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को रखा जाएगा, जहां परिवार के सदस्यों, भाजपा नेताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और हजारों समर्थकों के पहुंचने की संभावना है।
बी.एस. येदियुरप्पा ने जताया शोक
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बी.एस. येदियुरप्पा ने रामचंद्र गौड़ा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना दशकों पुराना साथी और भाई खो दिया है। उन्होंने याद किया कि जनसंघ के समय से दोनों ने मिलकर संगठन को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक काम किया। येदियुरप्पा ने कहा कि रामचंद्र गौड़ा का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में थी पहचान
एस.वी. रामचंद्र गौड़ा कर्नाटक भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। भाजपा के शुरुआती दौर में राज्य में संगठन विस्तार के लिए उनके प्रयासों को विशेष रूप से याद किया जाता है।
कई मंत्रालयों की संभाली जिम्मेदारी
अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान रामचंद्र गौड़ा ने कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, रेशम उत्पादन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लघु बचत, खनन एवं भूविज्ञान जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। इन विभागों में उन्होंने प्रशासनिक सुधार और विकास से जुड़े कई फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुमारस्वामी सरकार में भी निभाई अहम भूमिका
जब कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन सरकार बनी और एच.डी. कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे, तब भी रामचंद्र गौड़ा को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लघु बचत और खनन एवं भूविज्ञान जैसे विभागों का कार्यभार संभाला और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री के रूप में योगदान
बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में एस.वी. रामचंद्र गौड़ा चिकित्सा शिक्षा मंत्री भी रहे। उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में कई पहल की गईं। इसी अवधि में कर्नाटक में लॉटरी पर प्रतिबंध लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया, जिसे उस समय व्यापक चर्चा मिली थी।
आरएसएस से शुरू हुआ सार्वजनिक जीवन
रामचंद्र गौड़ा का सामाजिक और राजनीतिक जीवन छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। वे स्कूल के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भाग लेने लगे। हाई स्कूल के दौरान उन्होंने गोवा मुक्ति आंदोलन में भी भाग लिया। इसके बाद वे भारतीय जनसंघ से जुड़े और संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई।
जनसंघ से भाजपा तक का सफर
जनसंघ के दौर से लेकर भारतीय जनता पार्टी के गठन तक रामचंद्र गौड़ा लगातार संगठन के साथ जुड़े रहे। वर्ष 1970 में वे जनसंघ के प्रतिनिधि के रूप में बैंगलोर सिटी कॉर्पोरेशन पहुंचे। उसी वर्ष उन्हें सिटी इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट बोर्ड (CITB) का सदस्य भी चुना गया। इसके बाद उन्होंने भाजपा के प्रदेश महासचिव सहित कई संगठनात्मक पदों पर रहते हुए राज्य में पार्टी की मजबूत नींव तैयार करने में योगदान दिया।
संगठन निर्माण में निभाई बड़ी भूमिका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक में भाजपा के शुरुआती विस्तार में एस.वी. रामचंद्र गौड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी के विचारों को आम जनता तक पहुंचाने में लगातार काम किया। यही कारण है कि उन्हें भाजपा के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में गिना जाता था।
राजनीतिक जगत में शोक
रामचंद्र गौड़ा के निधन पर भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने कहा कि उनका निधन कर्नाटक की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, सादगी और संगठन के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
Read Related News: दिल्ली दंगा केस में बड़ा फैसला, क्रिस्टोफर हत्याकांड में ताहिर हुसैन को कोर्ट ने ठहराया दोषी



