What is Hantavirus: कोरोना महामारी के कई साल बाद अब दुनिया एक बार फिर नए वायरस के खतरे को लेकर सतर्क हो गई है. इस बार चिंता का कारण बना है हंता वायरस. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानी WHO ने इस वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत समेत दुनिया के 12 देशों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. यह अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया है, जब एक क्रूज शिप पर वायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद कई देशों में चिंता बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि “एमवी होंडियस” नाम के क्रूज शिप पर एंडीज वायरस संक्रमण के कारण अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य संक्रमित पाए गए हैं.
क्यों बढ़ी दुनिया की चिंता?
WHO के मुताबिक, क्रूज शिप पर मिले संक्रमण के बाद कई देशों में यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है. दुनिया अभी पूरी तरह कोरोना महामारी की यादों से बाहर भी नहीं निकल पाई है और ऐसे में किसी नए वायरस का खतरा लोगों को डरा रहा है. सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि क्या हंता वायरस भी कोरोना की तरह महामारी बन सकता है. क्या इसके लिए फिर से मास्क पहनना होगा. क्या लॉकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है. क्या यह वायरस इंसान से इंसान में तेजी से फैलता है. इन सभी सवालों को लेकर WHO ने भी अपनी तरफ से जानकारी दी है.
क्या है Hantavirus?
Hantavirus एक ऐसा वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों और कुछ जंगली कृन्तकों से फैलता है. यह वायरस इंसानों में गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है. आमतौर पर यह वायरस संक्रमित चूहों के पेशाब, मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है. अगर कोई व्यक्ति ऐसी जगह की धूल या हवा में मौजूद वायरस को सांस के जरिए अंदर ले ले, तो संक्रमण हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस अलग-अलग देशों में अलग-अलग प्रकार से पाया जाता है. दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले एंडीज वायरस को हंता वायरस का खतरनाक रूप माना जाता है.
क्या कोरोना की तरह फैलता है यह वायरस?
WHO ने साफ किया है कि हंता वायरस और कोरोना वायरस दोनों अलग तरह से फैलते हैं. WHO की महामारी प्रबंधन निदेशक डॉ. मारिया वान केरखोव ने कहा कि “यह न तो Covid है और न ही इन्फ्लूएंजा. यह बहुत अलग तरीके से फैलता है.” यानी फिलहाल ऐसा नहीं माना जा रहा कि यह वायरस कोरोना की तरह तेजी से पूरी दुनिया में फैल सकता है. हालांकि एंडीज वायरस के कुछ मामलों में इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की संभावना देखी गई है. यही वजह है कि स्वास्थ्य एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं.
कितनी खतरनाक है यह बीमारी?
हंता वायरस संक्रमण कुछ मामलों में बेहद गंभीर हो सकता है. इससे संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. कुछ मरीजों में यह संक्रमण फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है. हालांकि हर संक्रमित व्यक्ति में गंभीर लक्षण दिखाई दें, ऐसा जरूरी नहीं है.
WHO ने क्या कहा?
WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अगर समय रहते सही कदम उठाए गए, तो संक्रमण को सीमित रखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल एजेंसी को उम्मीद है कि स्थिति नियंत्रण में रहेगी. लेकिन कई देशों में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं. WHO ने सभी प्रभावित देशों को निगरानी बढ़ाने और संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने की सलाह दी है.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
WHO के इमरजेंसी हेल्थ प्रोग्राम से जुड़े डॉ. अब्दिरामन महमूद ने बताया कि 2018-2019 में अर्जेंटीना में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई थी. उन्होंने कहा कि उस समय एक संक्रमित व्यक्ति ने सोशल गैदरिंग में हिस्सा लिया था, जिसके बाद कई लोग संक्रमित हो गए थे. डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान स्थिति कुछ हद तक उसी तरह की दिखाई दे रही है. इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
क्या फिर लग सकता है लॉकडाउन?
फिलहाल WHO या किसी भी देश ने लॉकडाउन जैसी किसी स्थिति का संकेत नहीं दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस कोरोना से काफी अलग है और इसका फैलाव भी उसी तरह नहीं होता. इसलिए अभी लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
क्या मास्क पहनना जरूरी होगा?
अभी तक WHO ने आम लोगों के लिए मास्क अनिवार्य करने जैसी कोई सलाह जारी नहीं की है. लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जिन इलाकों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं, वहां साफ-सफाई और सावधानी बेहद जरूरी है. विशेष रूप से उन जगहों पर ध्यान देने की जरूरत है, जहां चूहों की संख्या ज्यादा हो या लंबे समय से बंद पड़ी जगहों में धूल जमा हो.
हंता वायरस के लक्षण क्या हैं?
हंता वायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं. इसमें तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है. कुछ दिनों बाद मरीज को सांस लेने में परेशानी शुरू हो सकती है. गंभीर मामलों में फेफड़ों में पानी भरने जैसी स्थिति भी बन सकती है. अगर किसी व्यक्ति को ऐसे लक्षण दिखाई दें और वह संक्रमित क्षेत्र से जुड़ा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, हंता वायरस से बचाव के लिए साफ-सफाई सबसे जरूरी है. जहां चूहों का खतरा हो, वहां सावधानी बरतनी चाहिए. बंद कमरों या गोदामों की सफाई करते समय मास्क और दस्ताने पहनने की सलाह दी जाती है. चूहों के मल-मूत्र वाली जगहों को सीधे हाथ से छूने से बचना चाहिए. इसके अलावा घर और आसपास के इलाकों को साफ रखना भी जरूरी माना जाता है.
दुनिया अलर्ट पर, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं
हंता वायरस को लेकर दुनिया में चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है. WHO और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं. संक्रमित यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है. फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि लोग अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें. कोरोना महामारी के बाद दुनिया पहले से ज्यादा सतर्क हो चुकी है और यही वजह है कि इस बार स्वास्थ्य एजेंसियां शुरुआत से ही तेजी से कदम उठा रही हैं.
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