बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस के द्वारा दिल्ली में गुरुवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अचानक विवादों शुरू हो गया। जहां इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनावी हार के कारणों का आकलन करना था, लेकिन शुरुआत से ही माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
बताया जा रहा है कि बैठक में राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही दो प्रत्याशियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई और स्थिति इतना खराब हो गई कि कथित तौर पर दोनों ही नेताओं ने एक दूसरे को गोली मारने तक की धमकी दे डाली।
कांग्रेस नेता को गोली मारने की धमकी
खबरों के अनुसार, वैशाली से कांग्रेस उम्मीदवार रहे इंजीनियर संजीव ने इस बैठक में आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुए 18 नए चेहरों की वजह से पार्टी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की जमीनी हकीकत को अनदेखा कर अनुभवहीन और अपरिचित उम्मीदवारों को टिकट देना कांग्रेस के लिए गलत साबित हुआ है।
इसी संदर्भ में पूर्णिया से प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव ने इस बयान का मजबूत के साथ विरोध किया और कहा कि हम भी नए हैं, लेकिन काम कर रहे हैं। हर बड़ा नेता कभी न कभी नया ही होता है। नए चेहरों को हार का जिम्मेदार ठहराना गलत है।
इस तरह से दोनों ही नेताओं के बीच बहस और तेज हो गई। देखते ही देखते मामला गरमा गया और इंजीनियर संजीव की ओर से जितेंद्र यादव को कथित तौर पर गोली मारने जैसी धमकी दी गई।

इंजीनियर संजीव ने आरोप को किया खारिज
हालांकि बाद में इंजीनियर संजीव ने इस आरोप को खारिज किया और कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने किसी को धमकाने जैसा कुछ नहीं कहा है, बल्कि उनके बयान की गलत तरह से व्याख्या की जा रही है।
जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन बैठक में इस तनाव के चलते पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही फूट और अविश्वास को भी उजागर कर दिया है।
बिहार चुनाव में महा गठबंधन को मिली इतनी सीटें
गौरतलब है कि बिहार चुनाव में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन ने 202 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन को मात्र 35 सीटें मिलीं थी। 2020 में 19 सीटें जीतने वाली कांग्रेस इस बार सिर्फ 6 सीटों पर सिमट कर रह गई।
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