BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित (BRICS Summit 2026) के दौरान एक छोटी सी बात ने सबका ध्यान खींच लिया। बता दें समिट की तस्वीरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा देश का प्लेकार्ड नजर आया, जिस पर ‘INDIA’ की जगह ‘BHARAT’ लिखा हुआ था। इंटरनेशनल मंच पर देश के नाम के इस इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा शुरू हो गई।
जानकारी के लिए बता दें भारत इस साल BRICS की अहम बैठक की मेजबानी कर रहा है। 18वें BRICS Summit में सदस्य देशों के नेता ग्लोबल इकोनॉमी, व्यापार, विकास, तकनीक और बदलती जियोपॉलिटिकल परिस्थितियों जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा गया ‘BHARAT’ नाम का प्लेकार्ड तस्वीरों में साफ दिखाई दिया। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
संविधान में दोनों नामों को मिली है मान्यता
भारत के नाम को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संविधान में INDIA और BHARAT दोनों का उल्लेख है। संविधान के आर्टिकल 1 में देश को “India, that is Bharat” कहा गया है। इसका मतलब है कि ‘इंडिया’ और ‘भारत’ दोनों ही देश के संवैधानिक रूप से मान्य नाम हैं। इसलिए किसी आधिकारिक कार्यक्रम में देश के नाम के तौर पर ‘भारत’ लिखे जाने को संविधान के खिलाफ नहीं माना जा सकता। इसी वजह से BRICS Summit में प्रधानमंत्री मोदी के सामने ‘BHARAT’ लिखा प्लेकार्ड दिखाई देना अपने आप में कोई संवैधानिक बदलाव नहीं है।
G20 Summit में भी दिखा था ‘भारत’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ‘भारत’ नाम का इस्तेमाल पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 Summit के दौरान भी प्रधानमंत्री की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखा नजर आया था।
बता दें उस समय भी देश के नाम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी। G20 Summit के दौरान भारत की मेजबानी में दुनिया के कई बड़े नेता नई दिल्ली पहुंचे थे। उस समय प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखी नेमप्लेट पर ‘INDIA’ की जगह ‘BHARAT’ लिखे जाने की तस्वीरें काफी चर्चा में रही थीं। हालांकि, इसके बाद भी देश के आधिकारिक नाम में कोई बदलाव नहीं किया गया, क्योंकि संविधान पहले से ही दोनों नामों को मान्यता देता है।

2025 G20 में फिर दिखा था INDIA
दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में दोनों नामों का इस्तेमाल देखने को मिला है। 2025 में ब्राजील में आयोजित G20 Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ‘INDIA’ लिखा प्लेकार्ड दिखाई दिया था।
इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बैठकों में देश के नाम के लिए ‘INDIA’ और ‘BHARAT’ दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग मौकों पर किया गया है। इसलिए BRICS Summit 2026 में ‘BHARAT’ लिखे जाने को देश के नाम में किसी नए आधिकारिक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
INDIA गठबंधन के समय भी उठा था मुद्दा
देश के नाम को लेकर राजनीतिक बहस साल 2023 में उस समय और तेज हो गई थी, जब कई विपक्षी दलों ने मिलकर INDIA गठबंधन बनाया था। 17 जुलाई 2023 को विपक्षी दलों की बैठक के बाद इस गठबंधन का नाम INDIA रखा गया था। इसका पूरा नाम Indian National Developmental Inclusive Alliance है। इस गठबंधन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, डीएमके समेत कई विपक्षी दल शामिल हुए थे। गठबंधन का मुख्य उद्देश्य 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों का मुकाबला करना था।
वहीं, इसके कुछ ही समय बाद सितंबर 2023 में नई दिल्ली में G20 Summit आयोजित हुआ। इसी दौरान प्रधानमंत्री की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखे जाने की तस्वीर सामने आई। विपक्षी दलों ने इसे INDIA गठबंधन के नाम से जोड़ते हुए सवाल उठाए थे।
क्या बदल गया है देश का नाम?
BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के सामने ‘BHARAT’ लिखा प्लेकार्ड दिखने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ सकता है कि क्या देश का नाम बदल दिया गया है। इसका सीधा जवाब है, नहीं। भारत के संविधान में पहले से ही ‘India’ और ‘Bharat’ दोनों नाम मौजूद हैं। इसलिए ‘BHARAT’ का इस्तेमाल देश का नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं है। यह केवल देश के संवैधानिक रूप से मान्य नामों में से एक का इस्तेमाल है।
BRICS Summit के दौरान सामने आई यह तस्वीर इसलिए चर्चा में है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने देश के लिए ‘BHARAT’ नाम का इस्तेमाल हुआ। हालांकि, इससे भारत के आधिकारिक नाम को लेकर किसी नए संवैधानिक बदलाव का संकेत नहीं मिलता।
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