Chhattisgarh Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। यह सत्र 17 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान कुल पांच बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार जहां कई महत्वपूर्ण विधेयकों और वित्तीय मामलों को सदन में पेश करने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष किसानों, कानून-व्यवस्था, नवा रायपुर में अतिक्रमण हटाने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
श्रद्धांजलि के साथ हुई कार्यवाही की शुरुआत
सत्र के पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हुई। सदन ने उनके कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि के बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की गई।
पहले प्रश्न में उठा बीएड और डीएड कॉलेजों का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने पहला प्रश्न राज्य में बीएड और डीएड कॉलेजों की स्थिति को लेकर उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि राज्य के कितने जिलों में बीएड और डीएड कॉलेज संचालित हो रहे हैं और जिन जिलों में ऐसी संस्थाएं नहीं हैं, वहां इन्हें कब शुरू किया जाएगा। साथ ही कोंडागांव जिले में बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर प्राप्त प्रस्ताव और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल भी उठाए गए। इन सवालों का जवाब राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सदन में दिया।
विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में
मानसून सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायक नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावना भी तलाश रहा है। विपक्ष का कहना है कि किसानों की समस्याएं, बढ़ती महंगाई, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और प्रशासनिक फैसलों पर सरकार को जवाब देना होगा।
विधानसभा सचिवालय को मिले 1033 प्रश्न
इस बार मानसून सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। इससे साफ है कि इस बार सदन में विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
सरकार पेश करेगी कई अहम विधेयक
मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन में पेश करेगी। इनका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और विभिन्न कानूनों में बदलाव करना है।
1. बस्तर फाइटर्स (आरक्षक सेवा) नियम, 2026
इस विधेयक के जरिए बस्तर फाइटर्स की भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा।
2. निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, 2026
सरकार निजी विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता सुधार के लिए नए प्रावधान लाने जा रही है। इसके तहत ‘रक्षित निधि’ की व्यवस्था और यूजीसी मानकों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव है।
3. वैट संशोधन विधेयक
वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त कर लंबित मामलों को राजस्व मंडल में स्थानांतरित करने का प्रावधान किया जाएगा, ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
4. जीएसटी संशोधन विधेयक
सरकार जीएसटी प्रक्रिया को और सरल बनाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य उद्योगों और निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाना है।
5. औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन
इस विधेयक के माध्यम से निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने और निवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
6. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक
व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण और जोखिम आधारित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने का प्रस्ताव है।
7. नवा रायपुर वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना
इस योजना के तहत नवा रायपुर में आवंटित भूखंडों और परिसरों पर बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
8. जल प्रदूषण नियंत्रण संशोधन
छोटे पर्यावरणीय उल्लंघनों को आपराधिक अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
9. भाड़ा नियंत्रण संशोधन विधेयक
किरायेदारों और मकान मालिकों के अधिकारों को स्पष्ट करने तथा किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान के लिए यह विधेयक पेश किया जाएगा।
किसानों और कानून-व्यवस्था पर होगी चर्चा
विधानसभा के इस सत्र में किसानों से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष फसल खरीद, समर्थन मूल्य, खाद-बीज की उपलब्धता और सिंचाई जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। इसके अलावा राज्य में कानून-व्यवस्था, अपराध, रोजगार और विकास योजनाओं पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
सरकार की रणनीति
सरकार का कहना है कि वह सभी सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए तैयार है। साथ ही विकास परियोजनाओं, निवेश, शिक्षा, उद्योग और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्ताव सदन में रखे जाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि इन विधेयकों के पारित होने से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।
Read Related News: मामूली झगड़े ने ली जान, पुलिस हेड कॉन्स्टेबल ने पत्नी को मारी गोली, CCTV में कैद हुई वारदात



