CM Yogi Challenge: यूपी की राजनीति में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, रविवार को उत्तर प्रदेश के जिला हाथरस की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से साफ रुख अपनाने की चुनौती दी। वहीं, प्रयागराज पहुंचे अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सनातन, राम मंदिर, कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए।
बता दें कि सीएम योगी और अखिलेश दोनों नेताओं के आमने-सामने आए बयानों की वजह से प्रदेश में राजनीतिक माहौल फिर से एक बार बिगड़ती दिखाई दे रही है, जिससे यूपी का पूरा राजनीति माहौल गर्म हो गया है।
हिम्मत है तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलें
यूपी के हाथरस जिला में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि अखिलेश यादव में हिम्मत है तो उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विषय पर स्पष्ट रूप से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अयोध्या की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वह एक बार प्रभु श्रीरामलला (Lord Shri Ram Lalla) के दर्शन कर लें तो शायद उनकी सोच में बदलाव आए।
योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में आगे यह भी कहा है कि जिस तरह श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन (Shri Ram Janmabhoomi Movement) चला, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने पर विपक्ष को अपना स्पष्ट रुख बताना चाहिए।
मुल्ला-मौलवियों के सामने झुकने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में अखिलेश यादव पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास उत्तर प्रदेश के विकास का कोई ठोस एजेंडा नहीं है।
सीएम योगी ने दावा किया कि अखिलेश यादव केवल वोट बैंक की राजनीति (Vote-Bank Politics) करते हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बोलने से बचते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान समय में अखिलेश यादव “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं।
प्रयागराज में अखिलेश यादव का पलटवार
वहीं, प्रयागराज के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला है। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म (Sanatan Dharma) का सम्मान करती है और उसकी रक्षा चाहती है, लेकिन धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार का गलत कार्य या गोरखधंधा नहीं होना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान होना चाहिए, लेकिन उसका राजनीतिक लाभ उठाना उचित नहीं है।
राम मंदिर और चंदे के मुद्दे का किया जिक्र
श्री राम मंदिर (Shri Ram Temple) से जुड़े विवादों पर अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों ने आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया है, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न मीडिया संस्थानों द्वारा भी राम मंदिर से जुड़े चंदे (Ram Temple Donations Related) और अन्य मामलों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि इन विवादों के कारण कहीं प्रदेश में पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा से बाहर न हो जाएं।

अयोध्या जाने को लेकर भी दिया जवाब
अयोध्या जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि इटावा में केदारेश्वर मंदिर (Kedareshwar Temple) का निर्माण कार्य चल रहा है। जब मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तब वह अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर जाना आस्था का विषय है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री से पूछे कई सवाल
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर ऐसे कौन से मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपने और अपने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए हों। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई बार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाई है। उनका कहना था कि प्रदेश में आम लोगों के लिए न्याय प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है।
पत्रकारों और कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि यदि कोई पत्रकार सरकार के खिलाफ तथ्य सामने लाता है तो उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो प्रदेश में “वनस्पति” यानी गांजे से जुड़े मामलों का भी ऑडिट कराया जाएगा ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
मथुरा के संत से जुड़े मामले पर भी बोले
मथुरा के एक मंदिर में संत दिनेश फलाहारी पर लगे चोरी के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में असली संतों की आवाज सुनी नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
यूपी की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के ताजा बयान बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक (Political situation in Uttar Pradesh) माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। एक ओर भाजपा धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को प्रमुखता दे रही है, वहीं समाजवादी पार्टी सरकार की कार्यशैली, कानून व्यवस्था, न्याय व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे विषयों को जनता के सामने उठा रही है।
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