Delhi Police Guidelines: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) हाल ही में हुए प्रोटेस्ट के बाद आज रविवार के दिन दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने Gen Z प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए नई गाइडलाइंस (New Guidelines 2026) जारी की हैं। एडवाइजरी के मुताबिक, जवानों को बहस, भावनात्मक प्रतिक्रिया और कैमरे के सामने आक्रामक व्यवहार से बचने की सलाह दी गई है।
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत और बहस के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में पुलिसकर्मियों की प्रतिक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठे। इसके बाद पुलिस ने जवानों को प्रदर्शन के दौरान अपने व्यवहार को लेकर खास सावधानी बरतने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं यहां खबर को लेकर पूरी जानकारी
प्रदर्शनकारियों से बहस नहीं करेंगे जवान
नई गाइडलाइंस के अनुसार, पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रदर्शनकारी के साथ बहस करने से बचें। ऐसे में अगर कोई प्रदर्शनकारी लगातार सवाल करता है या पुलिसकर्मी को बातचीत में उलझाने की कोशिश करता है, तो जवानों को अपनी बात समझाने के लिए लंबी बहस में नहीं पड़ना है।
पुलिसकर्मियों को शांत रहने और केवल अपनी ड्यूटी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। किसी भी मुद्दे पर अपनी व्यक्तिगत राय देने या प्रदर्शनकारी की बात पर सहमति-असहमति जताने से भी बचने को कहा गया है।
कैमरे के सामने न दें आक्रामक प्रतिक्रिया
आज के दौर में प्रदर्शन के दौरान मोबाइल कैमरे और सोशल मीडिया की भूमिका काफी बढ़ गई है। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों की बातचीत, व्यवहार और प्रतिक्रियाओं को रिकॉर्ड कर सकते हैं। ऐसे वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए जवानों को कैमरे के सामने आक्रामक प्रतिक्रिया नहीं देने के सख्त आदेश दिए गए हैं। जिसमें पुलिस का मानना है कि गुस्से या नाराजगी में दिया गया कोई छोटा-सा जवाब भी बाद में सोशल मीडिया कंटेंट बन सकता है। इसलिए पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि वे उकसावे में आने के बजाय शांत रहें और अपनी जिम्मेदारी निभाते रहें।

भावनात्मक स्थिति पैदा करने की कोशिश से बचें
बता दें गाइडलाइंस में पुलिसकर्मियों को भावनात्मक रूप से प्रतिक्रिया देने से भी बचने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे पुलिसकर्मी भावुक या नाराज हो जाएं।
ऐसे मामलों में प्रदर्शनकारी रो सकते हैं, भावुक अपील कर सकते हैं या ऐसे सवाल पूछ सकते हैं जिनसे पुलिसकर्मी सहानुभूति जताने या गुस्से में जवाब देने के लिए मजबूर हों। जिसमें जवानों को ऐसी परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने को कहा गया है। पुलिस का फोकस यह है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया से बचा जाए और पूरी स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला जाए।
‘कृपया सहयोग करें, हम अपनी ड्यूटी कर रहे हैं’
नई गाइडलाइंस में पुलिसकर्मियों के लिए बातचीत को सीमित रखने पर खास जोर दिया गया है। अब अगर कोई प्रदर्शनकारी बार-बार सवाल करता है या बहस करने की कोशिश करता है, तो जवानों को लंबी बातचीत में शामिल होने के बजाय एक सीमित जवाब देने की सलाह दी गई है। ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी सिर्फ इतना कह सकते हैं- ‘कृपया सहयोग करें, हम अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।’ इसके बाद बातचीत को आगे बढ़ाने के बजाय पुलिसकर्मियों को चुप रहने और अपनी ड्यूटी पर ध्यान देने को कहा गया है। माना जा रहा है कि इससे अनावश्यक बहस और तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
सोशल मीडिया के दौर में बदली रणनीति
Gen-Z के आंदोलनों में सोशल मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। प्रदर्शन से जुड़े वीडियो, मीम और छोटे क्लिप तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से दी गई प्रतिक्रिया भी प्रदर्शन का हिस्सा बन सकती है।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की नई गाइडलाइंस इसी बदलते डिजिटल माहौल को ध्यान में रखकर तैयार की गई बताई जा रही हैं। पुलिसकर्मियों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि प्रदर्शन के दौरान उनका हर व्यवहार कैमरे में रिकॉर्ड हो सकता है और बाद में उसका अलग संदर्भ में इस्तेमाल किया जा सकता है।
CJP प्रदर्शन के बाद बढ़ी सतर्कता
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों के दौरान जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घटनाएं चर्चा में रही थीं। जिससे सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी बहस हुई।
इसके बाद 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद मार्च’ के दौरान भी पुलिसकर्मियों की कुछ गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हुईं। इन घटनाओं और सोशल मीडिया पर हुई प्रतिक्रियाओं को देखते हुए पुलिस ने जवानों को प्रदर्शन के दौरान अधिक संयमित और पेशेवर व्यवहार करने की सलाह दी है।
क्या है दिल्ली पुलिस का नया प्लान?
आपकी जानकारी के लिए बता दें, नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों के साथ अनावश्यक टकराव को रोकना और पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के दौर में ज्यादा सतर्क बनाना है। जवानों को उकसावे में नहीं आने, बहस से बचने, भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं देने और कैमरे के सामने संयम बनाए रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की यह रणनीति बताती है कि बदलते प्रदर्शन के तरीकों के साथ पुलिस की भीड़ प्रबंधन नीति में भी बदलाव हो रहा है। खासकर Gen-Z प्रदर्शनकारियों के बीच सोशल मीडिया की अहम भूमिका को देखते हुए पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपने सार्वजनिक व्यवहार को लेकर भी अधिक सावधानी बरत रही है।
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