Delhi-Siliguri Bullet Train: भारत के रेल नेटवर्क में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। बताया जा रहा है की केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए एक महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा की है। इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी तक का सफर महज 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में यह यात्रा लगभग 20 घंटे या उससे ज्यादा समय लेती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह परियोजना देश के दूसरे बड़े बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के रूप में देखी जा रही है। इससे पहले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम चल रहा है। जिसमें नई बुलेट ट्रेन दिल्ली को सीधे उत्तर-पूर्व भारत के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी से जोड़ेगी।
इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन का रूट कई बड़े शहरों को जोड़ेगा। ट्रेन दिल्ली से चलकर उत्तर प्रदेश और बिहार के महत्वपूर्ण शहरों से होकर पश्चिम बंगाल पहुंचेगी।
प्रमुख स्टेशन इस प्रकार होंगे:
- दिल्ली
- लखनऊ
- वाराणसी
- पटना
- सिलीगुड़ी
यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी
बता दें की फिलहाल दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा रेल मार्ग से लगभग 20 घंटे या उससे अधिक समय लेती है। लेकिन बुलेट ट्रेन के संचालन के बाद यह दूरी मात्र 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस परियोजना से:
- यात्रियों का समय बचेगा।
- व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- पर्यटन क्षेत्र को फायदा होगा।
- पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
बंगाल में रेलवे परियोजनाओं पर केंद्र का बड़ा निवेश
कोलकाता दौरे के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में रेलवे विकास पर खास ध्यान दे रही है। जिसमें उन्होंने बताया है कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
रेल मंत्री के अनुसार, कई परियोजनाएं पहले भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक कारणों से धीमी गति से चल रही थीं। अब इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है ताकि यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

लंबित रेल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के चलते कई पुराने रेल प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलने की संभावना जताई गई है।
ऐसे में सरकार का कहना है कि रेलवे विस्तार, नई लाइनों का निर्माण, स्टेशन आधुनिकीकरण और सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
कोलकाता मेट्रो को मिलेंगी 60 नई ट्रेनें
रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के बेड़े में 60 नई पीढ़ी की आधुनिक ट्रेनें शामिल की जाएंगी।
इन नई ट्रेनों के आने से:
- यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
- भीड़भाड़ कम होगी।
- सेवाएं अधिक नियमित होंगी।
- मेट्रो नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी।
102 रेलवे स्टेशन बनेंगे विश्वस्तरीय
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 102 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
इन स्टेशनों पर निम्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
- आधुनिक प्रतीक्षालय
- बेहतर यात्री सुविधाएं
- डिजिटल सूचना प्रणाली
- एस्केलेटर और लिफ्ट
- साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था
- बेहतर पार्किंग सुविधाएं
तेजी से बढ़ रहा कोलकाता मेट्रो नेटवर्क
कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेज गति से हुआ है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 1972 से 2014 तक केवल 28 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क विकसित हुआ था, जबकि 2014 के बाद करीब 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनों का निर्माण पूरा किया गया है। इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत हुई है। केंद्र सरकार आने वाले वर्षों में भी मेट्रो परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए नेटवर्क के विस्तार और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
पूर्वोत्तर भारत को मिलेगा बड़ा फायदा
दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। यह पूर्वोत्तर भारत के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसे में इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से असम, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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