Lucknow Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शहर के प्रमुख सरकारी भवनों में शामिल जवाहर भवन में अचानक भीषण आग लग गई। आग चौथी मंजिल पर स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के कार्यालय और कैंटीन में लगी, जिसके बाद देखते ही देखते पूरे ऊपरी हिस्से में काला धुआं फैल गया। धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
सुबह कार्यालय समय में लगी आग
जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 10 बजे जवाहर भवन की चौथी मंजिल स्थित कैंटीन से आग लगने की सूचना मिली। कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास के कार्यालयों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। उस समय अधिकांश कर्मचारी कार्यालय पहुंच चुके थे, जिसके कारण पूरे भवन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों ने तुरंत कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया।
दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार
आग इतनी भीषण थी कि भवन की ऊपरी मंजिल से उठ रहा काला धुआं काफी दूर तक दिखाई दे रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक आसमान में धुएं का बड़ा गुबार देखकर लोग घबरा गए और बड़ी संख्या में आसपास के लोग मौके की ओर पहुंचने लगे। कई लोगों ने घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा किए।
सरकारी दफ्तरों में मचा हड़कंप
जवाहर भवन में राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं। आग लगते ही सभी विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकाला गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे भवन को खाली करा दिया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। समय रहते भवन खाली करा लेने से बड़ा हादसा टल गया।
दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने ऊपरी मंजिल तक होज पाइप के माध्यम से पानी पहुंचाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने के लिए लगातार निगरानी की गई।
आग बुझाने के दौरान छत का हिस्सा गिरा
राहत और बचाव कार्य के दौरान भवन का एक जर्जर हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि आग की गर्मी और भवन की पुरानी संरचना के कारण छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर पड़ा। हालांकि उस समय वहां मौजूद दमकलकर्मी सतर्क थे, इसलिए कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। इस घटना के बाद राहत कार्य और अधिक सावधानी के साथ जारी रखा गया।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल आग लगने की वजह का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग कैंटीन क्षेत्र से शुरू हुई थी, लेकिन यह शॉर्ट सर्किट था या कोई अन्य तकनीकी कारण, इसकी जांच की जा रही है। प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल, जिलाधिकारी, पुलिस और फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
जनहानि नहीं, लेकिन बड़ा नुकसान होने की आशंका
प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हालांकि चौथी मंजिल पर स्थित कार्यालय और कैंटीन में रखे दस्तावेज, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। क्षति का वास्तविक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुराने भवन की स्थिति पर उठे सवाल
घटना के बाद जवाहर भवन की सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। ऐसे में भविष्य में कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने सरकारी भवनों की नियमित सुरक्षा जांच और अग्निशमन व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
जिला प्रशासन और फायर विभाग ने संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग किस कारण से लगी, क्या अग्नि सुरक्षा उपकरण पूरी तरह कार्य कर रहे थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
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