Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी (Nag Panchami) के खास अवसर पर नागचंद्रेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बता दें यह मंदिर साल में केवल एक बार ही नागपंचमी के दिन ही खोला जाता है। इस विशेष मंदिर का नाम नागचंद्रेश्वर (Nagchandreshwar Temple) है। जिसके वजह से दर्शन करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं सामने से बैरिकेडिंग वाले इलाके में अचानक भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिससे कई श्रद्धालुओं के बेहोश होने और कुछ लोगों के गंभीर तौर से घायल होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में यहां आइए जानते हैं यहां इस खबर से जुड़े हर एक पहलू को विस्तार से पढ़ें।
नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित है और इसके कपाट साल में केवल एक दिन नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। यही वजह है कि इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
सोमवार को भी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी थीं। भीड़ लगातार बढ़ती गई और हरसिद्धि मंदिर (Harsiddhi Temple) के सामने बैरिकेडिंग क्षेत्र में दबाव बढ़ने लगा। इसी दौरान कुछ समय के लिए ऐसी स्थिति बन गई, जिसे प्रत्यक्षदर्शियों ने भगदड़ जैसा बताया।
कई महिला श्रद्धालुओं के बेहोश होने की खबर
दरअसल भीड़ बढ़ने के वजह से कई महिला श्रद्धालुओं के बेहोश होने की जानकारी सामने आई है। जिनमें कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी और जी मिचलाने की शिकायत भी हुई। वहीं मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से प्रभावित श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकाला गया।
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, जी मिचलाने की शिकायत के बाद दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यवस्था संभाली जा रही है।
श्रद्धालु की मां ने बताई घटना की पूरी जानकारी
बता दें अस्पताल में भर्ती एक श्रद्धालु की मां मीनू ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि घटना हरसिद्धि चौराहे के पास हुई। जिसमें उनका बेटा नाथ चंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था, तभी वह बैरिकेड के नीचे दब गया।
मीनू ने दावा किया कि उस समय वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी और लोगों को मदद मिलने में परेशानी हुई। साथ ही उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति उनके बेटे को वहां से निकालकर अस्पताल लेकर आया। महिला के अनुसार, घटना में करीब 30 से 35 लोगों को चोट लगने की आशंका है। हालांकि, इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मंदिर प्रशासन ने भगदड़ के दावे से किया इनकार
घटना के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ की खबरें तेजी से फैलने लगीं। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने भगदड़ होने के दावे से इनकार किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
प्रशासन के मुताबिक, भारी भीड़ के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति जरूर बनी, लेकिन इसे पूर्ण रूप से भगदड़ कहना सही नहीं है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने और भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था लगातार काम कर रही है।
नागपंचमी पर देशभर में उमड़ी भारी भीड़
सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी (Nag Panchami) के एक साथ पड़ने के कारण देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। उज्जैन के अलावा बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। वहां भगदड़ की घटना में कई श्रद्धालुओं की मौत की खबर सामने आई।
ऐसे में उज्जैन में भी भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई। नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए लगातार व्यवस्थाओं को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और जल्दबाजी नहीं करने की अपील की है। भीड़ वाले स्थानों पर एक-दूसरे को धक्का न देने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
ऐसे में फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना है। अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं की स्थिति और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
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