Nitin Gadkari Flying Bus: उत्तर प्रदेश को आधुनिक सड़क नेटवर्क की दिशा में बड़ी सौगात मिल गई है। बता दें करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का रविवार को भव्य उद्घाटन किया गया। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें उद्घाटन समारोह के दौरान नितिन गडकरी ने अपने भाषण में भविष्य की परिवहन तकनीक को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश में हवा में चलने वाली बस जैसी अत्याधुनिक तकनीक लाने की तैयारी की जा रही है।
‘पानी में उतरने वाला विमान लाया था, अब उड़ने वाली बस भी आएगी’
अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि देश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि रोप-वे और केबल कार जैसी परियोजनाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं। इसके अलावा पानी में उतरने वाला विमान (सी-प्लेन) भी देश में लाया गया था। उन्होंने कहा, “मैं आने वाले समय में कई नई टेक्नोलॉजी लेकर आने वाला हूं। रोप-वे और केबल कार तो आ चुके हैं। पानी में उतरने वाला हवाई जहाज भी लाया था। अब मैं हवा में चलने वाली बस भी लाने वाला हूं।”
गडकरी के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं, जबकि सोशल मीडिया पर भी उनके इस बयान की काफी चर्चा होने लगी।
इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर होगा जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल होगी। इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी आधारित मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उनके मंत्रालय के तहत विकसित की जाएगी और इसका उद्देश्य लोगों को कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना होगा। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था बनने के बाद यात्रियों को यह भी महसूस नहीं होगा कि वे कितनी जल्दी अपनी मंजिल तक पहुंच गए।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि गडकरी जिस तकनीक की बात कर रहे हैं, उसमें भविष्य में इलेक्ट्रिक एयर मोबिलिटी, फ्लाइंग बस, स्काई ट्रांजिट सिस्टम या अन्य उन्नत सार्वजनिक परिवहन विकल्प शामिल हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल इस संबंध में किसी परियोजना की विस्तृत जानकारी या समय-सीमा साझा नहीं की गई है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से बदलेगी यात्रा की तस्वीर
इस अवसर पर सबसे बड़ी उपलब्धि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रहा। 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा को पहले की तुलना में काफी आसान और तेज बनाएगा।
अब तक कानपुर से लखनऊ या लखनऊ से कानपुर पहुंचने में ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार लगभग ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता था। लेकिन नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह दूरी केवल 40 मिनट में तय की जा सकेगी।
इससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों, छात्रों और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ एक्सप्रेसवे
सरकारी जानकारी के अनुसार इस परियोजना पर लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह एक्सप्रेसवे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक के साथ तैयार किया गया है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी।
एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं कार से उन्नाव के नेवरना पड़रिखुर्द से लखनऊ के सरोजनी नगर तक यात्रा कर इसका ट्रायल भी किया।

120 किमी प्रति घंटा होगी अधिकतम गति
इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट निर्धारित की गई है। इससे वाहन चालक कम समय में सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। हालांकि तेज रफ्तार के साथ सुरक्षा नियमों का भी पालन करना भी अनिवार्य होगा। जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दोपहिया वाहनों की नहीं होगी अनुमति
इस एक्सप्रेसवे की एक खास बात यह भी है कि यहां केवल चारपहिया और बड़े व्यावसायिक वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई है।
दोपहिया वाहन, साइकिल, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर और धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसका उद्देश्य हाई-स्पीड ट्रैफिक को सुरक्षित बनाए रखना है।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से केवल यात्रा ही आसान नहीं होगी, बल्कि कानपुर और लखनऊ के बीच औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
बेहतर सड़क संपर्क के कारण लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, माल ढुलाई तेज होगी और निवेशकों को भी फायदा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का होगा विस्तार
दरअसल पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। पहले से संचालित यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के बाद अब कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी इस नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है।
सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रमुख शहरों को तेज और सुरक्षित सड़क संपर्क से जोड़ना है, ताकि आर्थिक विकास के साथ-साथ लोगों की आवाजाही भी आसान हो सके।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गडकरी का बयान
नितिन गडकरी का “हवा में उड़ने वाली बस” वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे भविष्य की परिवहन क्रांति बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इस तकनीक को लेकर अधिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि नितिन गडकरी पहले भी इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाइड्रोजन, रोप-वे, केबल कार और वैकल्पिक ईंधन जैसे विषयों पर कई नई पहल की घोषणा कर चुके हैं।



