PM Kisan Yojana Extended: केंद्र सरकार ने किसानों, खिलाड़ियों और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को लेकर तीन बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इसके लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसके अलावा खेलो इंडिया योजना के विस्तार के लिए 36,441 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के लिए 5,070 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को खेलों में बेहतर अवसर देने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
PM किसान सम्मान निधि योजना को मिला नया विस्तार
केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला लिया है। बता दें इस योजना के लिए कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिसमें सरकार का मानना है कि यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है और आगे भी कृषि क्षेत्र को मजबूती देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी सरकार देश के किसान भाई-बहनों के सशक्तिकरण और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीएम किसान योजना से किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और खेती से जुड़ी अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। इससे किसानों की आर्थिक परेशानियां कम हुई हैं और खेती में निवेश भी बढ़ा है।
क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना?
आपकी जानकरी के लिए बता दें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिससे किसानों को सालभर खेती के खर्चों में सहायता मिल सके।
सरकार के अनुसार अब तक इस योजना के तहत 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इन किस्तों के माध्यम से किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। केवल 23वीं किस्त में ही 9.49 करोड़ से ज्यादा किसानों को लगभग 18,984 करोड़ रुपये का लाभ मिला।
कोरोना काल में भी बनी किसानों का सहारा
कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक महामारी के दौरान किसानों को करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इससे लाखों किसानों को खेती जारी रखने और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।
सरकार ने यह भी कहा कि महिला किसानों को अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ इस योजना के माध्यम से मिल चुका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी मजबूत हुई है।
किसानों की आय बढ़ाने में मददगार बनी योजना
नीति आयोग की विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का सकारात्मक प्रभाव किसानों की आय और खेती दोनों पर देखा गया है।
ऐसे में रिपोर्ट में बताया गया कि लगभग 92 % किसानों ने इस योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग खेती और कृषि निवेश में किया। वहीं करीब 85 प्रतिशत किसानों ने माना कि योजना की वजह से उनकी आय बढ़ी है और उन्हें निजी साहूकारों या अनौपचारिक कर्ज पर पहले की तुलना में कम निर्भर रहना पड़ रहा है।
सरकार का दावा है कि इस योजना के कारण कृषि निवेश बढ़ा है, उत्पादन में सुधार हुआ है और किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है।
देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के सशक्तिकरण और समृद्धि के लिए हम संकल्पित हैं। इसी दिशा में आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को 2030-31 तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इससे न केवल अन्नदाताओं को बीज, खाद और खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है, बल्कि उनकी आर्थिक…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले पांच सालों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 3.10 लाख करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं। सरकार अब इस योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखेगी ताकि किसानों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहे। जिसमें उन्होंने कहा कि अधिकांश किसानों ने माना है कि इस योजना से उनका कर्ज का बोझ कम हुआ है और खेती करने में उन्हें पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल रही है।
खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी सौगात
केंद्रीय कैबिनेट ने खिलाड़ियों के हित में भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने खेलो इंडिया योजना और नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (ANSFs) को दी जाने वाली सहायता को वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए कुल 36,441 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछली योजना की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक बताई जा रही है।
सरकार का कहना है कि इस निवेश से देशभर के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं, अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अधिक अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेलो इंडिया योजना देश के गांवों, स्कूलों और छोटे शहरों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे भारत भविष्य में राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजनों की तैयारी भी मजबूत कर सकेगा।
देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में खेलो इंडिया स्कीम के विस्तार के साथ-साथ राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इससे देशभर के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सूर्य सरोवर योजना
केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को भी मंजूरी दी है। इस योजना के लिए सरकार ने 5,070 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। बता दें इस योजना के तहत देशभर में जलाशयों पर 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित की जाएगी। साथ ही 10,000 मेगावाट घंटा (MWh) ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी तैयार की जाएगी।
सरकार परियोजनाओं को प्रति मेगावाट एक करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता देगी। इससे जलाशयों का बेहतर उपयोग होगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में तेजी आएगी। ऐसे में सरकार का अनुमान है कि इस योजना से हर साल लगभग 1 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन कम किया जा सकेगा। साथ ही निर्माण, संचालन और रखरखाव के दौरान हजारों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
तीन बड़े फैसलों का क्या होगा असर?
केंद्र सरकार का मानना है कि इन तीनों फैसलों का सीधा लाभ देश के करोड़ों लोगों को मिलेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आय और खेती को मजबूत करेगी। खेलो इंडिया योजना देश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का अवसर देगी। वहीं सूर्य सरोवर योजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को गति देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से कृषि, खेल और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ भारत के सतत विकास लक्ष्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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