PM Modi West Bengal Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 जून को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे और जनजातीय संस्कृति से जुड़े विशेष आयोजनों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास, सांस्कृतिक विरासत, किसान कल्याण और जनसंपर्क कार्यक्रमों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, दो दिनों के इस दौरे में प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उनके कार्यक्रमों पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
कोलकाता में योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। योग दिवस के अवसर पर देशभर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और पश्चिम बंगाल में होने वाला यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली और भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर लोगों को संबोधित कर सकते हैं। योग दिवस के कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
नौसेना को मिलेंगे स्वदेशी युद्धपोत
अपने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेशी तकनीक से डिजाइन और निर्मित तीन नौसैनिक जहाजों को भारतीय नौसेना में शामिल करेंगे। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की क्षमता और मजबूती में बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन भारत की रणनीतिक शक्ति को और मजबूत करेगा तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा।
पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में भी होंगे शामिल
प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में भी भाग लेंगे। राज्य स्तरीय यह कार्यक्रम हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित किया जा रहा है। तारकेश्वर को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह स्थान जनसंघ के संस्थापक और प्रख्यात नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से भी जुड़ा हुआ है। इस वर्ष पश्चिम बंगाल दिवस का विषय “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास” रखा गया है। इस थीम के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक एकता और विकास की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा।
कई विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान कई नई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं का संबंध रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन और आधारभूत ढांचे से जुड़ा बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा किसानों और स्थानीय समुदायों को भी इन योजनाओं का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी करेंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 23वीं किस्त भी जारी करेंगे। इस किस्त के तहत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार के अनुसार इस चरण में किसानों को हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम-किसान योजना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में से एक मानी जाती है, जिसके जरिए किसानों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है।
पश्चिम बंगाल के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
प्रधानमंत्री द्वारा जारी की जाने वाली किस्त का लाभ पश्चिम बंगाल के लाखों किसानों को भी मिलेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के 45 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि सीधे जमा की जाएगी। इससे खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से किसानों तक सहायता राशि बिना किसी बिचौलिये के पहुंच रही है।
ओडिशा में राष्ट्रपति मुर्मू के साथ विशेष कार्यक्रम
दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा जाएंगे। यहां वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मयूरभंज जिले में आयोजित विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों नेता जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़े पवित्र उपवनों ‘संथाली जहेर’ और ‘हो जहेर’ में प्रार्थना करेंगे। जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने की दिशा में इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनजातीय संस्कृति पर रहेगा विशेष फोकस
मयूरभंज क्षेत्र को जनजातीय संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां की परंपराएं, लोक कला और धार्मिक मान्यताएं देशभर में विशेष पहचान रखती हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मौजूदगी इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने में मदद कर सकती है। सरकार लगातार जनजातीय समुदायों के विकास और उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने पर जोर दे रही है।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है दौरा
विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का पश्चिम बंगाल और ओडिशा दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। दोनों राज्यों में विकास परियोजनाओं, किसान कल्याण और जनजातीय समुदायों के बीच पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस दौरे को विकास और जनसंपर्क कार्यक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।
Read Related News: पथराव मामले में बड़ा एक्शन, लंबे समय से फरार चल रही जहांगीर खान की पत्नी गिरफ्तार



