Rahul Gandhi News: राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में आज भी दलितों के साथ भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस के किसी दलित नेता या वरिष्ठ नेता के किसी धार्मिक स्थल पर जाने के बाद ‘शुद्धिकरण’ कराया जाता है, तो यह केवल एक रस्म नहीं बल्कि छुआछूत की मानसिकता को दिखाता है।
वहीं, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से भी मांग भी कि ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए और आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हो।
‘शुद्धिकरण’ को लेकर राहुल गांधी का BJP पर हमला
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस के सीएलपी नेता के मंदिर जाने के बाद बीजेपी नेताओं ने कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाई। उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम का भी जिक्र किया।
राहुल गांधी के मुताबिक, खरगे के रामलीला मैदान में भाषण देने के बाद वहां भी ‘शुद्धिकरण’ की रस्म किए जाने की बात सामने आई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी रस्में कौन कराता है और इनके पीछे किस तरह की सोच काम करती है।उन्होंने कहा कि ‘शुद्धिकरण’ को छुआछूत का दूसरा नाम माना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने दावा किया कि संविधान ने छुआछूत को गैर-कानूनी घोषित किया है, इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री से FIR दर्ज कराने की मांग
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांग की कि उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है, तो यह गंभीर मामला है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकती हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले में आरोपों और राजनीतिक दावों को संबंधित पक्षों के जवाब के साथ देखा जाना जरूरी है। राहुल गांधी के बयान को लेकर बीजेपी और आरएसएस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह राजनीतिक रूप से अहम होगा।
‘देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई’
राहुल गांधी ने अपने बयान में देश की राजनीति को दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ संविधान की विचारधारा है, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा है। उन्होंने संविधान निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या नेता से नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है।
बता दें कांग्रेस का मुख्य मुद्दा संविधान की रक्षा करना और समाज में बराबरी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने चाहिए और जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
स्कूलों और गांवों में भेदभाव का किया जिक्र
राहुल गांधी ने दलितों के साथ होने वाले कथित सामाजिक भेदभाव के कई उदाहरण भी गिनाए। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर दलित बच्चों से स्कूलों में सफाई का काम करवाए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने गांवों में पानी के स्रोतों के इस्तेमाल और सामाजिक व्यवहार में भेदभाव का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में आज भी जाति के आधार पर लोगों के साथ अलग व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। साथ ही, उन्होंने चाय की दुकानों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कुछ स्थानों पर अलग-अलग समुदायों के लिए अलग तरह के कप इस्तेमाल किए जाते हैं। राहुल गांधी ने इन घटनाओं को सामाजिक असमानता और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि संविधान लागू होने के बावजूद ऐसी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "This act violates the SC/ST Act. Performing a 'purification' ritual is a crime. Yet, no action has been taken. Therefore, we demand that an FIR be registered immediately against those who carried out this purification ritual in… https://t.co/4auudCygHp pic.twitter.com/OH3VWpES0P
— ANI (@ANI) August 29, 2026
BJP की नई टीम पर भी बोले राहुल गांधी
बीजेपी के नए संगठन और नई टीम को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इसमें कोई विशेष दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपना संगठन बदले या पुराना ढांचा रखे, इससे कांग्रेस की रणनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन के पदाधिकारियों से नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस की लड़ाई विचारधारा और संविधान को बचाने की है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने संगठन में जिसे चाहे जिम्मेदारी दे सकती है, लेकिन कांग्रेस का फोकस अपने मुद्दों पर रहेगा।
दलित मुद्दे पर बढ़ सकती है सियासी बहस
राहुल गांधी के इस बयान के बाद दलित अधिकार, सामाजिक समानता और छुआछूत का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ सकता है। कांग्रेस लंबे समय से संविधान, सामाजिक न्याय और जातीय भेदभाव को लेकर बीजेपी पर निशाना साधती रही है।
वहीं, बीजेपी अक्सर कांग्रेस के ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताती रही है। ऐसे में राहुल गांधी की ताजा टिप्पणी पर बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा। कुल मिलाकर राहुल गांधी ने ‘शुद्धिकरण’ की कथित घटनाओं को दलितों के साथ भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए केंद्र और राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस की राजनीति संविधान और समानता के मुद्दे पर केंद्रित रहेगी। अब देखना होगा कि इस बयान के बाद बीजेपी और आरएसएस की ओर से क्या जवाब सामने आता है।
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