Rajasthan Election Result: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव (Rajasthan Nagar Nikay Chunav 2026) के नतीजे सामने आने लगे हैं। बता दें प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में 10,167 वार्डों के लिए हुए चुनाव में भाजपा (Bharatiya Janata Party) ने बना ली है। दोपहर 1 बजे तक 9,840 वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके थे। इनमें भाजपा ने 4,067 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस (congress) के खाते में 3,420 वार्ड आए हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 2,353 वार्डों में जीत हासिल की है। हालांकि, इन चुनावों की असली तस्वीर तब साफ होगी, जब सभी वार्डों के नतीजे सामने आ जाएंगे। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
भाजपा ने 4067 वार्ड जीते, कांग्रेस को 3420 सीटों पर सफलता
राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के मुकाबले बढ़त बनाई है। अब तक घोषित परिणामों में भाजपा ने 4,067 वार्डों में जीत हासिल की है। कांग्रेस 3,420 वार्डों में विजयी रही है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,353 वार्डों में जीत दर्ज कर दोनों प्रमुख दलों को चुनौती दी है। बता दें ये आंकड़े दोपहर 1 बजे तक घोषित परिणामों के हैं। अभी 327 वार्डों के नतीजे आने बाकी थे। ऐसे में अंतिम परिणाम आने के बाद भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की कुल सीटों की तस्वीर बदल सकती है।
वहीं, नगर निकाय चुनावों में वार्ड पार्षदों की जीत के साथ ही अब नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में अध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
दो चरणों में हुआ था मतदान, 74.05 फीसदी वोटिंग
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनाव दो चरणों में कराए गए थे। पहले चरण में 162 शहरी निकायों में मतदान हुआ, जिसमें 76.41 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दूसरे चरण में 147 निकायों में 71.69 फीसदी मतदान हुआ। जिसमें दोनों चरणों को मिलाकर प्रदेश में कुल 74.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। चुनाव में मतदाताओं ने नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया।
इन चुनावों में 77 उम्मीदवार निर्विरोध पार्षद चुने गए थे। इनमें 37 महिलाएं भी शामिल हैं। बाकी वार्डों में मतदान के जरिए उम्मीदवारों का फैसला हुआ। राजस्थान में हुए इन निकाय चुनावों में 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 200 से अधिक नगरपालिकाएं शामिल हैं।
21 सितंबर को होगा चेयरमैन और मेयर पद का चुनाव
वार्ड पार्षदों के नतीजे आने के बाद अब सभी की नजरें अध्यक्ष पद के चुनाव पर हैं। राजस्थान में 21 सितंबर को मेयर, सभापति और नगरपालिका चेयरमैन के लिए चुनाव होना है।
निकाय चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने पार्षदों को साथ रखने की कोशिश में जुटी हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक जोड़-तोड़ की संभावना को देखते हुए दोनों दलों ने अपने दावेदारों को अलग-अलग स्थानों पर ठहराया है।
भाजपा-कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर
राजस्थान निकाय चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला केवल वार्डों तक सीमित नहीं है। अब अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर दोनों दलों के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है।
राजनीतिक हलकों में हॉर्स ट्रेडिंग और बाड़ेबंदी की चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि दोनों पार्टियों ने अपने-अपने दावेदारों को जयपुर, अजमेर और पुष्कर में ठहराया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजयी पार्षदों को भी पार्टी नेतृत्व अपने संपर्क में रखने की कोशिश करेगा।
21 सितंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्षदों की संख्या और समर्थन सबसे महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों का रुख कई जगहों पर निर्णायक साबित हो सकता है।
मंत्री मदन दिलावर के भाई ने जीता चुनाव
बारां जिले की अटरू नगर पालिका के वार्ड नंबर 5 से राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के छोटे भाई कृष्ण मुरारी दिलावर ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
कृष्ण मुरारी दिलावर की जीत के बाद अटरू नगर पालिका में चेयरमैन पद को लेकर राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। उन्हें अध्यक्ष पद के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा है। चुनाव परिणाम आने के बाद उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर जीत का जश्न मनाया। हालांकि, चेयरमैन पद का अंतिम फैसला अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्षदों के समर्थन से होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में अटरू नगर पालिका की राजनीति पर सबकी नजर रहेगी।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजस्थान निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतगणना केंद्र पर थ्री लेयर सिक्योरिटी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
मोतीलाल कॉलेज में मतगणना की व्यवस्था की गई थी। रिटर्निंग ऑफिसर रामकरण सिंह ने अधिकारियों के साथ मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद सुबह 8 बजे से EVM मशीनों के ताले खोले गए और मतों की गिनती शुरू हुई।
मतगणना के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ अधिकारियों ने टेबल सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की। चुनाव परिणाम सामने आने के साथ ही अब राजस्थान की नगर निकाय राजनीति में नए समीकरण बनने की शुरुआत हो गई है।
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