Tamilnadu Polling Percentage: भारत के दो बड़े राज्यों तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। Election Commission of India के अनुसार, दोपहर 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में लगभग 78.77% और तमिलनाडु में करीब 70% मतदान दर्ज किया गया हैं। जिससे दोनों राज्यों में सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण में भारी मतदान
पश्चिम बंगाल में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जहां पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। यह सीटें राज्य के 16 जिलों में फैली हुई हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें देखी गईं, जिससे साफ है कि जनता अपने अधिकार को लेकर बेहद जागरूक है।
जानकारी के लिए बता दें कि पहले चरण में जिन जिलों में मतदान हुआ है, उनमें कूचबिहार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जैसे उत्तर बंगाल के जिले शामिल हैं। वहीं दक्षिण क्षेत्र में मुर्शिदाबाद, पूर्व मिदनापुर, पश्चिम मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम में भी मतदान हुआ है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से शेष 142 सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। पहले चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिसमें राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
तमिलनाडु में सभी सीटों पर एक साथ मतदान
तमिलनाडु में विधानसभा की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। यहां भी मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। राज्य में कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
राज्य के मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने भी सुबह मतदान किया और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में वोट डालने की अपील की। इसके अलावा कई प्रमुख हस्तियों जैसे अभिनेता रजनीकांत, विजय, ध्रुव विक्रम और मंत्री के.एन. नेहरू ने भी मतदान किया। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, राज्य में 2.93 करोड़ महिला, 2.80 करोड़ पुरुष और 7,728 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 14.59 लाख पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाता भी इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान
बता दें कि दोनों राज्यों में चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। वहीं, कहीं-कहीं मामूली झड़पों या तकनीकी दिक्कतों की खबरें जरूर सामने आईं, लेकिन कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्य मुकाबला और राजनीतिक समीकरण
तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के बीच है। डीएमके गठबंधन में कांग्रेस, डीएमडीके और वीसीके जैसी पार्टियां शामिल हैं, जबकि एआईएडीएमके के साथ भाजपा और पीएमके खड़ी हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। पिछली बार भाजपा ने 77 सीटें जीतकर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी और इस बार पार्टी सरकार बनाने का दावा कर रही है।
पोस्टल बैलेट और काउंटिंग की तैयारी
तमिलनाडु में चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए पोस्टल बैलेट का उपयोग भी बड़े पैमाने पर किया गया है। अब तक कुल 4,18,541 पोस्टल वोट प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें सेवा मतदाता और विशेष श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। Election Commission of India ने मतगणना के लिए व्यापक तैयारी की है। राज्यभर में 62 काउंटिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती होगी। वहीं तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है।
लोकतंत्र का उत्सव मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी
जानकारी के लिए बता दें कि इन चुनावों में सबसे खास बात मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी है। जिसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी भी इस बार काफी अधिक देखने को मिली है, जो लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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