Tamil Nadu News: तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्ता में आई तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की सरकार अब बड़े राजनीतिक विवाद में घिरती नजर आ रही है। बतया जा रहा है की मुख्यमंत्री विजय थलापति और उनकी पार्टी पर विपक्ष ने विधायकों की खरीद-फरोख्त यानी हॉर्स ट्रेडिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसके बाद मामला इतना बढ़ गया है कि अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने सीबीआई जांच की मांग तक की चेतावनी दे दी है।
फ्लोर टेस्ट के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, विवाद की शुरुआत तमिलनाडु विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट से हुई। जिसमें नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विजय थलापति को सदन में बहुमत साबित करना था। इसी दौरान AMMK के इकलौते विधायक एस. कामराज ने अचानक TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। कामराज के इस फैसले के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मच गई। AMMK ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने विधायक को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी का आरोप है कि विधायक पर दबाव बनाया गया और उन्हें सत्ता का लालच दिया गया।
दिनाकरन का बड़ा हमला
तिरुचिरापल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि TVK की राजनीति पूरी तरह हॉर्स ट्रेडिंग पर आधारित है। दिनाकरन ने तंज कसते हुए कहा, “विजय कहते हैं कि वह घोड़े की रफ्तार से काम करेंगे, लेकिन उन्होंने तो घोड़ा ही खरीद लिया।” उन्होंने दावा किया कि अगर विधायक एस. कामराज को मंत्री पद दिया गया तो उनकी पार्टी इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करेगी। दिनाकरन ने कहा कि लोकतंत्र में विधायकों की खरीद-फरोख्त बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विधायक पर कार्रवाई की मांग
AMMK ने विधानसभा अध्यक्ष से भी शिकायत की है। पार्टी का कहना है कि विधायक ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर सरकार का समर्थन किया है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि किसी भी राजनीतिक दल में केवल पार्टी प्रमुख या अधिकृत चीफ व्हिप को ही निर्देश जारी करने का अधिकार होता है। पार्टी ने मांग की है कि दल-बदल कानून के तहत विधायक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि अभी तक विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया है।
DMK ने भी साधा निशाना
बता दें की केवल AMMK ही नहीं, बल्कि मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने भी विजय सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। ऐसे में DMK नेताओं का आरोप है कि TVK ने सत्ता बचाने के लिए विपक्षी दलों के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की है। DMK नेता एसएस शिवशंकर ने कहा कि TVK सरकार राजनीतिक अहंकार में काम कर रही है और जनता जल्द ही इसका जवाब देगी। जिसमें उन्होंने दावा किया है कि यह सरकार ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। मीडिया से बातचीत में शिवशंकर ने कहा,“लगातार विरोध और सत्ता का घमंड ही विजय सरकार के पतन का कारण बनेगा।”
विजय सरकार की ओर से क्या कहा गया?
हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री विजय थलापति या TVK की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जिसमें पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष हार स्वीकार नहीं कर पा रहा है और इसी वजह से बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। TVK समर्थकों का दावा है कि विधायक एस. कामराज ने अपनी इच्छा से सरकार का समर्थन किया है और इसमें किसी तरह का दबाव या सौदेबाजी नहीं हुई।

तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय थलापति की एंट्री ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया। पहली बार सत्ता में आने के बाद TVK को जनता से बड़े बदलाव की उम्मीदों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में सरकार पर हॉर्स ट्रेडिंग जैसे आरोप लगना मुख्यमंत्री विजय के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद लंबा खिंचता है तो सरकार की छवि पर असर पड़ सकता है।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या AMMK सच में CBI जांच की मांग करेगी और क्या विधानसभा अध्यक्ष विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे। विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अब अगर मामला कानूनी या संवैधानिक स्तर तक पहुंचता है, तो तमिलनाडु की राजनीति में और बड़ा भूचाल आ सकता है। फिलहाल विजय सरकार अपने पहले बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है।
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