Ankit Sharma Murder Case: आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में एक नया मोड़ आया है। आज सोमवार को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में साफ शब्द में ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को फांसी देने की मांग की है। दरअसल, सजा पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने इस मामले के हर एक पहलू को देखते हुए अदालत में कहा है कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं थी, बल्कि बेहद क्रूर, सुनियोजित और अमानवीय अपराध था।
वही, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का यह भी कहना है कि इन दोषियों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया है, वह समाज को झकझोर देने वाला है और ऐसे मामले में इनके लिए सिर्फ मृत्युदंड ही उचित सजा है।
कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने रखा कड़ा पक्ष
अंकित शर्मा हत्याकांड में सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने पूरी योजना के साथ इस हत्या को अंजाम दिया था। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी कहा कि वारदात के समय आरोपी किसी कसाई की तरह की अंकित को मारा था। उनका उद्देश्य केवल हत्या करना नहीं था, बल्कि पीड़ित को अत्यधिक शारीरिक पीड़ा पहुंचाना भी उनका मकसद था।
पुलिस के अनुसार, अंकित शर्मा की मौत होने के बाद भी आरोपियों ने उनके शव पर लगातार कई बार हमला करना जारी रखा। देखा जाए तो इस तरह की हैरान कर देने वाली घटना अपराध की गंभीरता और आरोपियों की मानसिकता को दर्शाती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आईं 51 चोटें
अदालत में दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) का भी हवाला दिया। दरअसल, रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर कुल 51 चोटों के निशान पाए गए थे। इनमें से 7 चोटें इतनी गंभीर थीं कि वे अकेले ही उनकी मौत का कारण बन सकती थीं। इसके अलावा 16 घाव धारदार हथियार से किए गए थे। पुलिस ने कहा है कि शरीर इतनी संख्या में चोटें यह साबित करती हैं कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी।
शव की हालत का भी किया जिक्र
दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह भी कहा कि जब अंकित शर्मा का शव बरामद किया गया, तब उनके शरीर पर अंडरवियर (Underwear on Body) के अलावा कोई कपड़ा नहीं था। पुलिस ने इसे अपराध की बर्बरता का एक अहम उदाहरण बताया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि घटना के बाद भी आरोपियों का व्यवहार बेहद अमानवीय रहा है।
पुलिस ने कहा- यह दुर्लभतम मामलों में शामिल
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अदालत से कहा है कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (Rarest of the Rare) यानी दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में आता है। पुलिस का तर्क है कि अपराध पूरी तरह सुनियोजित था और इसमें असाधारण क्रूरता दिखाई गई। इसलिए दोषियों को अधिकतम सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में कानून का संदेश जाए और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगे।

अदालत करेगी सजा पर फैसला
फिलहाल के लिए कोर्ट में इस दर्दनाक घटना में शामिल दोषियों की सजा को लेकर बहस जारी है। अभियोजन पक्ष ने मृत्युदंड की मांग की है और साथ ही बचाव पक्ष अपनी दलीलें पेश कर रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत यह तय करेगी कि दोषियों को किस प्रकार की सजा दी जाए।
इस मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है क्योंकि यह दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। अदालत का अंतिम फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोषियों को फांसी की सजा (Sentence to Death) मिलेगी या कोई अन्य दंड।
मामले का महत्व
अगर देखा जाए तो अंकित शर्मा हत्याकांड (Ankit Sharma Murder case) लंबे समय से चर्चा का विषय बना रहा है। इस मामले में अदालत द्वारा सभी दोषियों को पहले ही इस घटना को लेकर दोषी ठहराया जा चुका है और अब केवल सजा पर जज का फैसला होना बाकी है। इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस का साफ कहना है कि अपराध की प्रकृति, सबूत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखते हुए यह ऐसा मामला है जिसमें कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए, ताकि परियजनों के परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में भी ऐसी घटना होने से रोका जा सके।
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