Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं का आज गुरुवार को अंत हो गया। बता दें की विधान परिषद की 10 खाली सीटों पर चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। ऐसे में नामांकन वापसी की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने तक किसी भी उम्मीदवार ने अपना नाम वापस नहीं लिया, जिसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने सभी 10 प्रत्याशियों की जीत का औपचारिक ऐलान कर दिया।
जानकारी के लिए बता दें की इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा भाजपा उम्मीदवार और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता एवं गायक पवन सिंह को लेकर रही है। जिसमें पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाले पवन सिंह अब बिहार विधान परिषद के सदस्य बन गए हैं।
बिना मतदान कैसे तय हुई जीत?
बिहार विधान परिषद की 10 रिक्त सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 10 उम्मीदवारों ने ही अपने पर्चे दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर ही रही, क्योंकि 10 सीटों के लिए केवल 10 उम्मीदवार मैदान में थे, इसलिए निर्वाचन आयोग को मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
नियमों के अनुसार, यदि उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों के बराबर हो तो सभी प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है।
भाजपा के लिए खास रही पवन सिंह की जीत
भाजपा ने इस बार भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह को विधान परिषद का उम्मीदवार बनाया था। टिकट मिलने के बाद से ही उनकी उम्मीदवारी चर्चा का विषय बनी हुई थी। पवन सिंह लंबे समय से भोजपुरी फिल्म और संगीत जगत का बड़ा चेहरा रहे हैं और उनकी लोकप्रियता बिहार, उत्तर प्रदेश तथा देश के कई हिस्सों में देखने को मिलती है।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि पवन सिंह के राजनीति में आने से भाजपा को युवाओं और भोजपुरी भाषी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है। खासकर शाहाबाद और मगध क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता पार्टी के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।

भाजपा के चार उम्मीदवार बने MLC
आपकी जानकारी के लिए बता दें भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में चार उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था और सभी निर्विरोध जीतने में सफल रहे।
भाजपा से निर्वाचित उम्मीदवारों में शामिल हैं:
- पवन सिंह
- संजय मयूख
- अनिल ठाकुर
- शीला पंडित
जेडीयू के सभी उम्मीदवारों को मिली जीत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी अपने सभी चार उम्मीदवारों को विधान परिषद भेजने में सफलता हासिल की।
जेडीयू से निर्वाचित उम्मीदवार हैं:
- निशांत कुमार
- भारती मेहता
- शिवरानी देवी प्रजापति
- ललन कुमार
आरजेडी को मिली एक सीट
मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की ओर से सुनील कुमार सिंह निर्विरोध चुने गए हैं। वह पहले भी विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
आरजेडी के लिए यह सीट महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि विधानसभा और परिषद दोनों सदनों में पार्टी अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखना चाहती है।
लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी भी बने सदस्य
एनडीए की सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को भी इस चुनाव में एक सीट मिली। पार्टी उम्मीदवार अशरफ अंसारी निर्विरोध विधान परिषद सदस्य चुने गए हैं।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अशरफ अंसारी को मौका देकर चिराग पासवान ने अल्पसंख्यक समुदाय और पार्टी संगठन दोनों को सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। इससे पार्टी के सामाजिक विस्तार की रणनीति को भी मजबूती मिल सकती है।
निर्विरोध चुनाव से क्या संकेत मिलते हैं?
बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना इस बात का संकेत है कि प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच सीटों को लेकर पहले से सहमति बन चुकी थी। यही कारण रहा कि किसी भी सीट पर अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरे।
ऐसे चुनावों में राजनीतिक दल अपने संगठन, सामाजिक समीकरण और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन करते हैं। इस बार भी भाजपा, जेडीयू, आरजेडी और लोजपा (रामविलास) ने अपने-अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के आधार पर उम्मीदवारों को मौका दिया।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण
पवन सिंह जैसे लोकप्रिय चेहरे का विधान परिषद पहुंचना बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है। मनोरंजन जगत से जुड़े कई चेहरे पहले भी राजनीति में सफल रहे हैं और अब भाजपा ने पवन सिंह को आगे बढ़ाकर एक नया प्रयोग किया है। वहीं जेडीयू और भाजपा ने अपने गठबंधन को मजबूत बनाए रखने का संकेत दिया है। दूसरी ओर आरजेडी ने भी परिषद में अपनी मौजूदगी बरकरार रखी है।
सभी विजेताओं की सूची
- भाजपा से पवन सिंह
- भाजपा से संजय मयूख
- भाजपा से अनिल ठाकुर
- भाजपा से शीला पंडित
- जेडीयू से निशांत कुमार
- जेडीयू से भारती मेहता
- जेडीयू से शिवरानी देवी प्रजापति
- जेडीयू से ललन कुमार
- आरजेडी से सुनील कुमार सिंह
- लोजपा से (रामविलास) अशरफ अंसारी
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