DURGA E-Auto Scheme: दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए स्वरोजगार से जुड़ी एक नई योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। बता दें दिल्ली सरकार ने (DURGA E-Auto Scheme 2026) को मंजूरी दी है। इस योजना के पहले चरण में महिलाओं और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को कुल 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो (Pink Electric Auto) दिए जाएंगे। इनमें 1,170 ई-ऑटो महिलाओं और 130 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
वहीं, सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और सुरक्षित लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है। ऐसे में आइए यहां जानें खबर को लेकर विशेष जानकारी
क्या है DURGA E-Auto Scheme?
DURGA का पूरा नाम Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto है। इस योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को इलेक्ट्रिक ऑटो के मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा। दिल्ली सरकार के अनुसार (Delhi Government) इससे लाभार्थियों को स्वरोजगार का साधन मिल सकता है और सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी।
ऐसे में पहले चरण में दिल्ली के राजस्व जिलों में ई-ऑटो का आवंटन किया जाएगा। प्रत्येक राजस्व जिले में अधिकतम 90 ई-ऑटो महिलाओं और 10 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए रखे जाएंगे।
कौन कर सकता है आवेदन?
DURGA योजना के लिए महिलाओं और ट्रांसजेंडर आवेदकों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदक की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ आवेदक का दिल्ली का निवासी होना जरूरी है।
आवेदक के पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
- वैध दिल्ली वोटर आईडी
- LMV यानी Light Motor Vehicle ड्राइविंग लाइसेंस
- PSV यानी Public Service Vehicle बैज
- दिल्ली का निवास संबंधी प्रमाण
- ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए वैध ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट

महिलाओं के लिए आय से जुड़ी शर्त
योजना में महिलाओं के लिए परिवार की आय से जुड़ी भी एक महत्वपूर्ण शर्त रखी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवार की कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक महिला या उसके परिवार के पास कोई रजिस्टर्ड ट्रांसपोर्ट वाहन या थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए। तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए नियम
ट्रांसजेंडर आवेदकों को भी उम्र, दिल्ली निवासी होने, वोटर आईडी, LMV ड्राइविंग लाइसेंस और PSV बैज जैसी मूल शर्तें पूरी करनी होंगी। इसके साथ उनके पास दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी वैध ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
इस तरह योजना में आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और पात्रता शर्तों की जांच करना महत्वपूर्ण होगा।
तीन साल तक नहीं बेच सकेंगे ई-ऑटो
DURGA योजना के तहत मिलने वाले ई-ऑटो पर तीन साल का अनिवार्य लॉक-इन पीरियड रहेगा। इसका मतलब है कि इस अवधि में लाभार्थी ई-ऑटो को बेच या किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। वाहनों पर DURGA योजना से जुड़ी अलग ब्रांडिंग और पहचान संबंधी फीचर्स भी होंगे।
चार्जिंग सुविधा पर भी फोकस
ई-ऑटो के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी योजना से जोड़ा गया है। सरकार के अनुसार, दिल्ली मेट्रो के 70 स्टेशनों की पार्किंग में EV चार्जिंग सुविधाओं के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है। इससे ई-ऑटो चालकों को चार्जिंग सुविधा तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
कैसे होगा आवेदन?
DURGA E-Auto Scheme के लिए आवेदन अलग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिए जाएंगे। अभी तक सरकार ने इस पोर्टल के शुरू होने की तारीख और आवेदन की अंतिम तारीख घोषित नहीं की है। पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसलिए इच्छुक महिलाओं और ट्रांसजेंडर आवेदकों को फिलहाल जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए और दिल्ली सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक आवेदन सूचना का इंतजार करना होगा।
रोजगार के दूसरे अवसर भी बढ़ने की उम्मीद
DURGA योजना का असर केवल ई-ऑटो चलाने तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ EV चार्जिंग, वाहन सर्विसिंग, रिपेयर और बैटरी रिसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। सरकार योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का समय-समय पर आकलन करने की बात कह चुकी है।
यहां ध्यान दें
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी DURGA योजना का ऑनलाइन आवेदन पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। इसलिए आवेदन के नाम पर किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति को पैसे या निजी दस्तावेज देने से बचें। आवेदन की तारीख और प्रक्रिया की जानकारी सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जारी होने के बाद ही मान्य होगी।


