गंगा एक्सप्रेसवे टोल टैक्स: उत्तर प्रदेश का बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) अब पूरी तरह से चालू हो चुका है। 29 अप्रैल 2026 को उद्घाटन के बाद कुछ दिनों तक लोगों को इस एक्सप्रेसवे पर मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब यह सुविधा समाप्त कर दी गई है। अब मेरठ से प्रयागराज तक सफर करने वाले यात्रियों को तय दूरी के हिसाब से टोल टैक्स (Toll Tax) देना होगा। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला सबसे अहम हाई-स्पीड कॉरिडोर माना जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें की गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यात्रा का समय काफी कम हो गया है। पहले मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में 10 से 12 घंटे तक लग जाते थे, लेकिन अब यह दूरी कम समय में पूरी की जा सकेगी। हालांकि, तेज और सुविधाजनक सफर के लिए अब यात्रियों को टोल शुल्क भी चुकाना होगा।
दूरी के हिसाब से कटेगा टोल
गंगा एक्सप्रेसवे पर ‘क्लोज्ड टोल सिस्टम’ लागू किया गया है। इसका मतलब है कि वाहन चालक जितनी दूरी तय करेगा, उसी हिसाब से टोल शुल्क देना होगा। यानी यदि कोई वाहन बीच रास्ते से एक्सप्रेसवे में प्रवेश करता है, तो उसे केवल उतनी दूरी का ही भुगतान करना पड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे पर पूरी तरह FASTag आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। इससे वाहनों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा और सफर तेज रहेगा। टोल सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो सके।
अलग-अलग वाहनों के लिए तय हुए नए टोल रेट
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने सभी वाहन श्रेणियों के लिए अलग-अलग टोल दरें तय की हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे टोल रेट लिस्ट
- बाइक, स्कूटर, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर: ₹1.28 प्रति किलोमीटर
- कार, जीप और वैन: ₹2.55 प्रति किलोमीटर
- छोटे कमर्शियल वाहन और मिनी बस: ₹4.05 प्रति किलोमीटर
- बस और ट्रक: ₹8.20 प्रति किलोमीटर
- भारी मल्टी-एक्सल वाहन: ₹12.60 प्रति किलोमीटर
- सात या उससे अधिक एक्सल वाले वाहन: ₹16.10 प्रति किलोमीटर

मेरठ से प्रयागराज तक कितना लगेगा टोल?
यदि कोई कार चालक मेरठ से प्रयागराज तक पूरे 594 किलोमीटर का सफर करता है, तो उसे लगभग ₹1515 तक टोल टैक्स देना होगा। वहीं छोटे कमर्शियल वाहन चालकों को करीब ₹2405 तक भुगतान करना पड़ सकता है। भारी वाहनों पर टोल का खर्च और ज्यादा होगा। बस और ट्रक चालकों को लगभग ₹4840 तक टोल देना पड़ सकता है। वहीं बड़े मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए यह राशि और अधिक हो सकती है।
संभावित टोल खर्च
- कार/जीप/वैन ₹1515
- छोटे कमर्शियल वाहन ₹2405
- बस और ट्रक ₹4840
- भारी मल्टी-एक्सल वाहन ₹7480 तक
बिना रुके पार होंगे टोल प्लाजा
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक Multi-Lane Free Flow (MLFF) तकनीक है। इस तकनीक के जरिए वाहन बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगे। सिस्टम FASTag और वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को स्कैन करके अपने आप टोल काट लेगा। इस नई तकनीक से टोल प्लाजा पर लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यात्रियों को तेज और बिना रुकावट वाला सफर मिलेगा। हालांकि फिलहाल कुछ एग्जिट प्वाइंट्स पर मैनुअल भुगतान की सुविधा दी गई है, लेकिन आने वाले समय में पूरे एक्सप्रेसवे को पूरी तरह फ्री-फ्लो टोल सिस्टम से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
किन जिलों से होकर गुजरता है गंगा एक्सप्रेसवे?
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इससे राज्य में व्यापार, उद्योग और परिवहन को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे इन जिलों से होकर गुजरता है।
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने से उत्तर प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। ट्रांसपोर्ट लागत कम होने से उद्योगों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा प्रयागराज, मेरठ और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कम समय में माल ढुलाई होने से ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने से पहले यात्रियों को अपना FASTag रिचार्ज जरूर कर लेना चाहिए, क्योंकि यहां पूरी तरह डिजिटल टोल सिस्टम लागू है। एक्सप्रेसवे पर तय स्पीड लिमिट का पालन करना जरूरी होगा, वरना चालान कट सकता है। गलत लेन में वाहन चलाने पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले एंट्री और एग्जिट प्वाइंट की जानकारी रखना बेहतर रहेगा, ताकि सफर तेज, सुरक्षित और बिना परेशानी के पूरा हो सके।
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