Jharkhand Students Protest: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार, 10 अगस्त 2026 को छात्र रांची में विधानसभा का घेराव करने की तैयारी में हैं। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। वहीं, विधानसभा घेराव के ऐलान को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विधानसभा के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। यह प्रतिबंध सोमवार सुबह से रात तक प्रभावी रहने की जानकारी सामने आई है।
छात्रों की सबसे बड़ी मांग क्या है?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी JPSC और JSSC से जुड़ी कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच CBI से कराई जानी चाहिए। छात्र नेताओं ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित CID जांच को स्वीकार करने से इनकार किया है। उनका तर्क है कि जिन मामलों में राज्य की जांच एजेंसियों पर सवाल उठ रहे हैं, वहां निष्पक्षता का भरोसा कायम करने के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच जरूरी है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं की समीक्षा, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों का आंदोलन JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी है और वे परीक्षा रद्द करने तथा जांच की मांग पर जोर दे रहे हैं।
सरकार के ’98 फीसदी मांगें मानने’ के दावे पर भी सवाल
छात्र नेताओं ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शनकारियों की करीब 98 प्रतिशत मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। छात्र नेताओं का कहना है कि उन्होंने कुल 13 परीक्षा विवादों को उठाया है, लेकिन सरकार ने इनमें से केवल तीन परीक्षाओं को रद्द किया है। ऐसे में उनका दावा है कि उनकी ज्यादातर प्रमुख मांगें अभी भी लंबित हैं। इसी मुद्दे को लेकर छात्र आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
विधानसभा के आसपास धारा 163 लागू
छात्रों के मार्च को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र में निषेधात्मक आदेश लागू किए हैं। विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और विधानसभा परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई हैं।
पुलिस ने छात्रों से की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। रांची पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी पूरी होने की बात कही है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने विधानसभा की ओर जाने वाले संभावित रास्तों और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई है।
कई दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का यह आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ है। पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने पहले सरकार के साथ बातचीत भी की। लेकिन बातचीत के कई दौर के बावजूद सभी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा मार्च का ऐलान किया। हाल ही में सरकार की ओर से JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने पर सहमति की खबर भी सामने आई, लेकिन इसके बावजूद छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। यही वजह है कि अब छात्रों ने विधानसभा तक मार्च करने का फैसला किया है।
बातचीत से नहीं बनी पूरी बात
छात्रों और सरकार के बीच हाल के दिनों में कई दौर की बातचीत हुई है। सरकार ने प्रदर्शनकारियों की कुछ मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर अभी तक संतोषजनक फैसला नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि सिर्फ कुछ परीक्षाओं को रद्द करना पर्याप्त नहीं है। वे कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई चाहते हैं। वहीं सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और छात्रों की समस्याओं पर विचार करने की बात कही गई है। गतिरोध के बीच दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी रहने की संभावना है।
JPSC-JSSC क्या हैं और छात्रों के लिए क्यों अहम?
JPSC यानी Jharkhand Public Service Commission राज्य में विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है। वहीं JSSC यानी Jharkhand Staff Selection Commission भी राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है। इन परीक्षाओं में हजारों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इन परीक्षाओं का काफी महत्व है। इसी वजह से परीक्षा में कथित पेपर लीक, गड़बड़ी या चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आने पर छात्रों के बीच नाराजगी बढ़ जाती है।
छात्रों का आरोप- भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में छात्रों को वर्षों तक मेहनत करनी पड़ती है। कई छात्र नौकरी की तैयारी के लिए अपनी पढ़ाई, काम और दूसरे अवसरों को छोड़कर परीक्षा पर ध्यान देते हैं। ऐसे में अगर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। इसी आधार पर छात्र नेता सरकार से पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
रांची प्रशासन के लिए सोमवार का दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। एक तरफ बड़ी संख्या में छात्रों के विधानसभा की ओर मार्च करने की संभावना है, वहीं दूसरी तरफ विधानसभा का सत्र और सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और किसी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। इसके लिए विधानसभा के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की तैनाती और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
क्या होगा आगे?
अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि सोमवार को छात्रों का विधानसभा मार्च किस तरह आगे बढ़ता है और सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है। अगर दोनों पक्षों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है तो आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता खुल सकता है। लेकिन अगर छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है। छात्र नेताओं ने साफ किया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
Read Related News: सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजे मंदिर



