Kangana Ranaut Statement: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली एक किशोरी के माफी मांगने के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है की इस मामले में अब बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए बच्चों की परवरिश, राजनीतिक सोच और समाज की भूमिका पर कई सवाल उठाए हैं।
जानकारी के लिए बता दें कंगना का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस पूरे विवाद को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। एक ओर विपक्ष और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, तो दूसरी ओर सरकार और बीजेपी नेताओं के बयान भी लगातार चर्चा में हैं।
इंस्टाग्राम स्टोरी में कही यह बात
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में उस किशोरी के माफी वाले वीडियो का स्क्रीनशॉट साझा किया है। जिसमें उन्होंने लिखा कि लड़की खुद यह कह रही है कि उसने अपनी पूरी जिंदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कभी कोई पोस्ट नहीं की थी, लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके दोस्तों ने उसे वहां ले जाकर कथित तौर पर अपशब्द बोलने के लिए उकसाया।
ऐसे में कंगना ने माता-पिता से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपने बच्चों को गलत राजनीतिक प्रभाव और कट्टर वैचारिक सोच से बचाने की जरूरत है। साथ ही यह भी कहा कि बच्चों को ऐसी परिस्थितियों से दूर रखना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
हिंदू लड़कियों को लेकर भी उठाया सवाल
कंगना रनौत ने एक और टिप्पणी की, जो अब सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने देखा कि स्कार्फ या बुर्का पहनने वाली किसी भी लड़की ने ऐसा कथित व्यवहार नहीं किया, जबकि हिंदू परिवारों की बेटियों को आसानी से बहकाया जा सकता है। जिसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों हो रहा है और कहा कि एक समाज के रूप में आत्ममंथन करने की जरूरत है। उनके मुताबिक परिवारों को अपनी बेटियों को सही दिशा देने और उनकी सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इस टिप्पणी की आलोचना भी कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल हाल ही में हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इसी प्रदर्शन के दौरान एक किशोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगा।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। इसके बाद संबंधित किशोरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उसने कहा कि उससे गलती हुई और उसका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था।माफी वाला वीडियो सामने आने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है।
पुलिस की कार्रवाई भी बनी चर्चा
खबरों के अनुसार, इस मामले में नोएडा पुलिस ने उस महिला के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है, जिस पर प्रदर्शन के दौरान किशोरी को कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रदर्शन के दौरान किसकी क्या भूमिका रही।
अभिजीत दिपके ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
इस पूरे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन दोबारा शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन पहले से भी बड़ा होगा और छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। दिपके ने सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर पुनर्विचार करने की मांग भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दिया संदेश
आज शनिवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा से लोगों को दुख पहुंचा है, लेकिन बच्चों को केवल सजा देने के बजाय उन्हें सही मार्गदर्शन देना अधिक जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गलतियां जीवन का हिस्सा होती हैं और समाज का दायित्व है कि वह बच्चों को सही रास्ता दिखाए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कभी-कभी जीभ दांतों के बीच आ जाती है और चोट लग जाती है, फिर भी हम दांत नहीं तोड़ते क्योंकि दोनों हमारे अपने होते हैं। उसी तरह बच्चे भी समाज का हिस्सा हैं और उन्हें समझाकर आगे बढ़ाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
कंगना रनौत के बयान और प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। एक वर्ग का कहना है कि बच्चों को राजनीतिक विवादों से दूर रखना चाहिए, जबकि दूसरा वर्ग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शन के अधिकार की बात कर रहा है। जिनमें कई लोगों ने कंगना के बयान पर सवाल उठाए हैं, जबकि उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने केवल परिवार और समाज की जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश की है।
मामला क्यों बना चर्चा का विषय?
यह विवाद केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की राजनीतिक भागीदारी, अभिभावकों की जिम्मेदारी, सोशल मीडिया के प्रभाव और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा जैसे कई बड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
ऐसे में फिलहाल पुलिस जांच जारी है, जबकि राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
ये भी पढ़ें: Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में नई SIT की कार्रवाई, 200 लोगों को नोटिस




