NDA-INDIA Block Protest: संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक का मुद्दा लगातार बड़ा राजनीतिक विवाद बना हुआ है। जिसमें चौथे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। बता दें की सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसद परिसर में एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किए। जिससे एक ओर NDA के सांसदों ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का जवाब दिया है, तो दूसरी ओर INDIA गठबंधन ने पेपर लीक मामले पर चर्चा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
बताया जा रहा है की लगातार हो रहे हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। जिसमें विपक्ष का कहना है कि जब तक सरकार पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सदन में चर्चा के लिए तैयार नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं सरकार का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है और जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दे रहा।
मकर द्वार पर NDA का विरोध प्रदर्शन
मानसून सत्र के चौथे दिन संसद भवन के मकर द्वार पर NDA के सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना था कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
NDA सांसदों ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सदन की कार्यवाही को बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। उनका कहना था कि संसद चर्चा का मंच है, लेकिन विपक्ष केवल नारेबाजी और प्रदर्शन की राजनीति कर रहा है।
INDIA गठबंधन ने उठाई चर्चा और इस्तीफे की मांग
बता दें दूसरी ओर INDIA गठबंधन के सांसद संसद परिसर में एकत्र हुए और हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद विपक्ष ने पेपर लीक मामले पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग दोहराई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की।
ऐसे में विपक्षी नेताओं का कहना है कि देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार मामले की गंभीरता को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है।
#WATCH | Delhi: Congress MPs Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav and others join the INDIA bloc protest at Makar Dwar inside the Parliament premises.
NDA MPs are also protesting in front of the INDIA alliance MPs pic.twitter.com/BvECIxVLpd
— ANI (@ANI) July 23, 2026
चार दिन से बाधित है मानसून सत्र
20 जुलाई 2026 से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ गया है। पहले ही दिन विपक्ष ने पेपर लीक पर चर्चा की मांग की थी। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सदन के वेल में पहुंच गए।
स्पीकर द्वारा कई बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा। इसके बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। यही स्थिति अगले तीन दिनों तक भी बनी रही। लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी लगातार व्यवधान देखने को मिला।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत नहीं होती है, तो मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी गतिरोध जारी रह सकता है।
पेपर लीक बना राष्ट्रीय बहस का मुद्दा
दरअसल हाल के महीनों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। इसी मुद्दे को विपक्ष संसद में प्रमुखता से उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को ठोस नीति अपनानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार का दावा है कि पेपर लीक रोकने के लिए कानूनों को और मजबूत किया जा रहा है तथा जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
CJP के संसद मार्च को लेकर भी बढ़ा विवाद
मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर से संसद मार्च का आयोजन किया था। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण मार्च को रोका गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई। जिसमें आरोप है कि हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। बाद में प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, जिसके चलते विजय चौक और कनॉट प्लेस के आसपास भी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
CJP प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने भी प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने पहुंचे।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
सरकार और विपक्ष के बीच नहीं बन रही सहमति
संसद में गतिरोध समाप्त करने को लेकर अब तक सरकार और विपक्ष के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी है। विपक्ष चाहता है कि पेपर लीक पर तत्काल चर्चा कराई जाए और सरकार इस पर स्पष्ट जवाब दे। वहीं सरकार का कहना है कि संसद की कार्यवाही बाधित करने के बजाय विपक्ष को नियमों के तहत चर्चा करनी चाहिए।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द सहमति नहीं बनी, तो मानसून सत्र का बड़ा हिस्सा हंगामे की भेंट चढ़ सकता है। इससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों और सरकारी कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
अब आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर संसद के आगामी सत्रों पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या नहीं। यदि गतिरोध समाप्त होता है तो पेपर लीक सहित अन्य अहम मुद्दों पर सदन में चर्चा संभव हो सकती है। फिलहाल संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म बना हुआ है।
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