NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में बनाई गई फास्ट ट्रैक कोर्ट में आज सोमवार (27 जुलाई 2026) को सुनवाई होनी थी, लेकिन पहले ही दिन सबको हैरान कर दिया है। दरअसल, आज सीबीआई की ओर से कोर्ट में कोई बी वकील नहीं पहुंचा, जिसके चलते अदालत ने इस मामले की सुनवाई 3 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। इसी दिन मुख्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन अभियोजन पक्ष की अनुपस्थिति के कारण इस पर कोई बहस ही नहीं हो पाई।
बता दें कि देशभर में चर्चा का विषय बने NEET Paper Leak मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट से तेज सुनवाई की उम्मीद थी, लेकिन पहले ही दिन ऐसा हाल देखकर कई लोगों की उम्मीद टुट गई है। बताया जा रहा है कि छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि अदालत पहले दिन से ही मामले की सुनवाई शुरू करेगी, लेकिन सीबीआई के वकील (CBI lawyer) कोर्ट नहीं पहुंचने से कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई। ऐसे में आइए इस मामले से जुड़ी हर एक अपडेट यहां विस्तार से जानते हैं।
आरोपियों की जमानत याचिका पर नहीं हो सकी बहस
सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) में मामले के आरोपी विकास और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई भी सूचीबद्ध थी। हालांकि, सीबीआई की ओर से कोई सरकारी वकील मौजूद नहीं होने के कारण अदालत में आज के दिन बहस शुरू ही नहीं हो सकी। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की अनुपस्थिति में सुनवाई आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इस प्रस्थिति को ध्यान में रखते हुए ऐसे में माना जा रहा है कि अगली तारीख तक लोक अभियोजक की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, ताकि इस मामले में कोर्ट की सुनवाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके। पेपर लीक मामले पर पूरे देश की नजर है क्योंकि यह भारत के लाखों छात्रों का भविष्य का सवाल है।
छात्रों के आंदोलन के बाद बनी थी फास्ट ट्रैक कोर्ट
नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) को लेकर देशभर में (Gen Z) छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों ने कई दिनों तक आंदोलन किया। जानकारी के लिए बता दें कि सभी Gen Z प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
देखा जाए तो छात्रों के द्वारा लगातार प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के बाद सरकार ने इस मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) के गठन का फैसला भी लिया। इसी दौरान पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री (Union Education Minister) के पद से इस्तीफा भी दे दिया।

सरकार ने दिए थे सख्त कार्रवाई के संकेत
सरकार ने पहले ही साफ कह दिया था कि परीक्षा प्रणाली (Examination System) में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जांच तेजी से पूरी की जाए और दोषियों के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) के गठन का उद्देश्य भी यही था कि लंबे समय तक मुकदमा लंबित न रहे और छात्रों को जल्द न्याय मिल सके। हालांकि, पहले ही दिन सुनवाई टलने से कई छात्रों ने निराशा भी जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दिया था भरोसा
नीट पेपर लीक विवाद (NEET Paper Leak Controversy) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया था कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा था कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) में कराई जाएगी ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। इसके साथ ही भारत सरकार परीक्षा संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए नए और सख्त कानूनी प्रावधान लागू (Strict legal Provisions Enforced) करने की दिशा में भी काम कर रही है।
3 अगस्त को होगी सुनवाई पर टिकी सभी की निगाहें
अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। माना जा रहा है कि तब तक सीबीआई की ओर से अभियोजन पक्ष पूरी तैयारी के साथ अदालत में उपस्थित रहेगा। उसी दिन आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी बहस शुरू होने की संभावना है।
देशभर के लाखों छात्र और उनके परिवार इस मामले की हर सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। सभी की उम्मीद है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) में जल्द सुनवाई पूरी होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। वहीं, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) के अगले कदम भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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