PM Modi Netherlands Visit: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नीदरलैंड के The Hague में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों का जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कोविड महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को “आपदाओं का दशक” बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया एक कठिन दौर से गुजर रही है और आने वाला समय और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है. नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने भव्य स्वागत किया. कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी, जहां कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्यों के साथ गरबा प्रस्तुति भी दी गई.
भारतीय समुदाय के स्वागत से अभिभूत हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के उत्साह और प्रेम की सराहना करते हुए कहा कि हेग में जो माहौल दिखाई दे रहा है, वह भारत और नीदरलैंड की दोस्ती का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने कहा कि पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, पता बदल सकता है और टाइम जोन भी अलग हो सकता है, लेकिन भारत माता की संतानों का अपनापन और उत्साह कभी नहीं बदलता. पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों के स्नेह को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में भारतीय संस्कृति और भारतीयता की भावना हमेशा जीवित रहती है.
कोविड से युद्ध तक गिनाईं वैश्विक चुनौतियां
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने मौजूद संकटों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में दुनिया ने महामारी, युद्ध, ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना किया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानवता के सामने खड़ा बड़ा संकट है. ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दुनिया को संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर गंभीरता से काम करना होगा.
2014 के चुनाव परिणामों को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को भी याद किया. उन्होंने कहा कि 16 मई की तारीख उनके जीवन में बेहद खास है क्योंकि इसी दिन 2014 में चुनाव परिणाम आए थे और देश की जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया था. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से देशवासियों का जो प्यार और विश्वास मिला है, वही उन्हें लगातार काम करने की ऊर्जा देता है.
सोशल मीडिया पर साझा कीं झलकियां
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नीदरलैंड दौरे की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किए. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि नीदरलैंड में भारतीय समुदाय द्वारा किया गया स्वागत शानदार और यादगार रहा. पीएम मोदी ने भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी सराहना की और कहा कि भारतीय परंपराओं की यह झलक विदेशों में भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाती है.
नीदरलैंड के नेताओं से करेंगे मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. इसके अलावा वह नीदरलैंड के राजा King Willem-Alexander और रानी Queen Máxima से भी मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में व्यापार, तकनीक, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
भारत-नीदरलैंड संबंधों को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और नीदरलैंड के संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह उनका नीदरलैंड का दूसरा आधिकारिक दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2017 में यहां का दौरा किया था. विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी.
यूरोप में भारत की रणनीति पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा यूरोप में भारत की रणनीतिक और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. भारत हाल के वर्षों में यूरोपीय देशों के साथ व्यापार, तकनीक और रक्षा सहयोग को तेजी से बढ़ा रहा है. नीदरलैंड को यूरोप में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने पीएम मोदी के दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करेगी. उन्होंने कहा कि यह दौरा यूरोप के बड़े भारतीय समुदाय से जुड़ने का भी महत्वपूर्ण अवसर है.
कई क्षेत्रों में बढ़ा सहयोग
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) Sibi George ने बताया कि भारत और नीदरलैंड के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि व्यापार और निवेश के अलावा जल प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई है. इसके साथ ही तकनीक, नवाचार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है.
भारतीय समुदाय निभा रहा अहम भूमिका
नीदरलैंड में भारतीय समुदाय दोनों देशों के संबंधों की मजबूत कड़ी माना जाता है. जानकारी के मुताबिक, नीदरलैंड में 90 हजार से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं. इसके अलावा सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के दो लाख से ज्यादा सदस्य भी वहां बसे हुए हैं.
शिक्षा क्षेत्र में भी मजबूत संबंध
नीदरलैंड की विभिन्न यूनिवर्सिटियों में करीब 3500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग आने वाले समय में और बढ़ सकता है.
ऊर्जा संकट पर दुनिया की नजर
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ऊर्जा संकट का मुद्दा उठाना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूरी दुनिया इस समय बढ़ती ऊर्जा लागत और सप्लाई संकट से जूझ रही है. मिडिल ईस्ट तनाव और वैश्विक संघर्षों का असर तेल और गैस बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है. भारत भी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है.
भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की ओर भी संकेत दिया. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सामने समाधान पेश करने वाला देश बन रहा है और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
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