BRICS Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (PM Modi Putin Meeting 2026) के बीच करीब 45 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक हुई। बता दें दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दुनिया में कई बड़े भू-राजनीतिक बदलाव चल रहे हैं।
वहीं, भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। ऐसे में इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं यहां विस्तार से किन मुद्दों पर चर्चा हुई है।
भारत-रूस के बीच किन मुद्दों पर हुई बात?
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और स्थानीय मुद्राओं में कारोबार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दोनों देश लंबे समय से व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इसके अलावा वैश्विक हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने विचार-विमर्श किया। यूक्रेन संकट के बीच भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। ऐसे में इस विषय पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hold a bilateral meeting on the sidelines of BRICS Summit 2026.
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— ANI (@ANI) September 11, 2026
रक्षा सहयोग पर भी नजर
भारत और रूस के संबंधों में रक्षा क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। जिससे भारतीय सेना के पास लंबे समय से रूसी मूल के कई रक्षा उपकरण और प्रणालियां मौजूद हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक, सैन्य उपकरण और रणनीतिक सहयोग को लेकर भी लगातार बातचीत होती रही है।
BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी-पुतिन की मुलाकात में रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा को भी अहम माना जा रहा है। बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के बीच भारत अपने रक्षा साझेदारों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
BRICS Summit 2026 | Delhi: After their bilateral meeting, Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin share a car to head to the exhibition at Bharat Mandapam.
Leaders' Session of BRICS Business Forum will be held here shortly.
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ऊर्जा और व्यापार भी अहम एजेंडा
भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग भी दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रूस से भारत को ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग मिलता रहा है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ा मुद्दा है।
बैठक में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने और स्थानीय मुद्राओं में कारोबार को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत की संभावना रही। दोनों देश चाहते हैं कि व्यापारिक संबंध केवल ऊर्जा तक सीमित न रहें, बल्कि तकनीक, उद्योग और दूसरे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़े।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin visit the INNOPROM Exhibition at Bharat Mandapam.
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बैठक के बाद एक कार में नजर आए मोदी-पुतिन
द्विपक्षीय बैठक खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम में आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी देखने के लिए एक ही कार में रवाना हुए। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी में अलग-अलग स्टॉल का दौरा किया और औद्योगिक व तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली।
ऐसे में यह मुलाकात दोनों देशों के बीच राजनीतिक रिश्तों के साथ-साथ आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की तस्वीर भी पेश करती है। भारत और रूस के बीच तकनीक, विनिर्माण और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।
PM मोदी ने पुतिन को दिया ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को तमिल के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट किया। तिरुवल्लुवर द्वारा रचित यह ग्रंथ जीवन, नैतिकता, नीति और सुशासन से जुड़े विचारों के लिए जाना जाता है।
पुतिन को इसका रूसी अनुवाद भेंट करना दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की झलक भी देता है। भारत और रूस के बीच राजनीतिक और रणनीतिक रिश्तों के साथ लंबे समय से सांस्कृतिक संपर्क भी रहे हैं।
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi presented Russian President Vladimir Putin with a Russian translation of the Thirukkural, an ancient Tamil classic.
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BRICS के लिहाज से क्यों अहम है बैठक?
भारत इस बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में BRICS सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठक का महत्व और बढ़ जाता है। BRICS के मंच पर भारत और रूस दोनों प्रमुख सदस्य हैं और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था, विकास, ऊर्जा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर दोनों देशों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मोदी-पुतिन बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ BRICS से जुड़े विषयों पर भी चर्चा को अहम माना जा रहा है। भारत विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता देता रहा है।
भारत मंडपम के आसपास कड़ी सुरक्षा
BRICS शिखर सम्मेलन और कई विदेशी नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। भारत मंडपम और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष इंतजाम किए हैं। सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सतर्क हैं।
ऐसे में BRICS शिखर सम्मेलन से पहले मोदी-पुतिन की करीब 45 मिनट की बैठक ने भारत-रूस संबंधों को लेकर एक बार फिर ध्यान खींचा है। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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