Congress Protest: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन करने की तैयारी कर ली है। बता दें 6 अक्टूबर यानि कल को पार्टी चुनाव आयोग का घेराव करेगी। इससे पहले दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस की बड़ी बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में आंदोलन के अगले चरणों की रणनीति तय की गई। कांग्रेस ने 10 से 20 अक्टूबर तक बाइक रैली, पदयात्रा और साइकिल रैली निकालने का फैसला किया है।
वहीं, 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांव-गांव ‘वोट रक्षक’ (Vote Protector) चौपाल लगाई जाएंगी। इसके अलावा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी महारैली और 26 नवंबर को ‘चलो दिल्ली’ कार्यक्रम होगा। पार्टी ने इस अभियान को ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ (Vote Bachao, Desh Bachao) नाम दिया है। ऐसे में आइए यहां जानें खबर को लेकर विशेष जानकारी
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव
कांग्रेस के आंदोलन का पहला बड़ा कार्यक्रम 6 अक्टूबर को होगा। पार्टी इस दिन चुनाव आयोग का घेराव करेगी। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए इंदिरा भवन में हुई बैठक में नेताओं को जिम्मेदारियां दी गईं और तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, राज्य प्रभारी, फ्रंटल संगठनों के प्रमुख और देशभर के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी नेतृत्व ने सभी नेताओं से आंदोलन को मजबूत बनाने और ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जोड़ने की अपील की है।

‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ होगा अभियान का नारा
बता दें बैठक के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने आगे के कार्यक्रमों की जानकारी दी। पार्टी ने कहा कि अब यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस ने अपने अभियान के लिए ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ का नारा तय किया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेताओं से इस मुद्दे को लेकर लगातार सक्रिय रहने और इसे व्यापक जन अभियान बनाने को कहा है।
कांग्रेस की रणनीति में विपक्षी दलों को भी साथ जोड़ना शामिल है। पार्टी चाहती है कि अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस की प्रदेश इकाइयां विपक्षी दलों के साथ मिलकर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करें। इसके जरिए चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जाएगी।
8 अक्टूबर को कांग्रेस का बड़ा मार्च
कांग्रेस के आंदोलन का अगला प्रमुख कार्यक्रम 8 अक्टूबर को होगा। इस दिन पार्टी बड़ा मार्च निकालेगी। बैठक में इस मार्च की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत पार्टी केवल बड़े शहरों में प्रदर्शन करने के बजाय ब्लॉक और गांव स्तर तक अपनी पहुंच बनाने की कोशिश करेगी।
10 से 20 अक्टूबर तक बाइक रैली और पदयात्रा
आंदोलन के दूसरे चरण का कार्यक्रम 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देशभर में ब्लॉक स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ता इन दिनों में बाइक रैली, पदयात्रा और साइकिल रैली निकालेंगे। पार्टी का लक्ष्य इन कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों को अभियान से जोड़ना है। कांग्रेस इसे बड़े जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है।
25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक गांव-गांव अभियान
आंदोलन का तीसरा चरण 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान कांग्रेस गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेगी। पार्टी की ओर से अलग-अलग स्थानों पर चौपाल लगाने की योजना है।
इन चौपालों को ‘वोट रक्षक’ नाम दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान के जरिए लोगों को चुनाव और उनके मताधिकार से जुड़े मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली
कांग्रेस के इस पूरे अभियान का एक बड़ा पड़ाव 1 नवंबर को होगा। इस दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। पार्टी इसे अब तक की सबसे बड़ी रैलियों में से एक बनाने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस का मकसद इस रैली के जरिए अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देना है। पार्टी विपक्षी दलों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल करने की कोशिश करेगी।
26 नवंबर को ‘चलो दिल्ली’ कार्यक्रम
इसके बाद 26 नवंबर, यानी संविधान दिवस के मौके पर कांग्रेस ‘चलो दिल्ली’ कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों से छह बड़ी यात्राएं दिल्ली की ओर निकाली जाएंगी। इन यात्राओं का नेतृत्व कांग्रेस के छह वरिष्ठ नेता करेंगे। पार्टी की योजना इन सभी कार्यक्रमों के जरिए चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लगातार राष्ट्रीय बहस में बनाए रखने की है।
राहुल गांधी का ‘BOLD’ संदेश
कांग्रेस की बैठक में राहुल गांधी ने नेताओं से आंदोलन को लेकर सतर्क और सक्रिय रहने की अपील की। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी को इस लड़ाई में बोल्ड, आक्रामक और लगातार सक्रिय रहना होगा।
ऐसे में अब इस आंदोलन को केवल पार्टी का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि व्यापक जन अभियान बनाने की कोशिश कर रही है। जिसमें पार्टी का कहना है कि वह विपक्षी दलों को साथ लेकर इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपने आंदोलन के लिए लंबी रणनीति तैयार की है। 6 अक्टूबर के घेराव से शुरू होने वाला यह अभियान नवंबर के अंत तक अलग-अलग चरणों में चलेगा। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान जमीन पर कितना प्रभाव डालता है और विपक्षी दल इसमें किस स्तर तक साथ आते हैं।
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