UP Politics News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ऐसे में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक ओर बयान दिया है, जिसके कारण यूपी में राजनीति माहौल गरमाया हुआ है। दरअसल, आज अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती के तीखे हमलों पर पलटवार जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि मायावती की ओर से सपा के गठबंधन और उसके सहयोगियों को लेकर लगाए गए आरोपों कई हद तक नहीं नहीं साबित है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी का साथ छोड़ने में विश्वास नहीं रखती है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा है कि जब सपा किसी को अपने साथ लेती है तो पूरी मजबूती और ईमानदारी के साथ गठबंधन निभाती है।
अखिलेश ने कहा आज के समय में सच बोलना भी मुश्किल
यूपी के लखनऊ शहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने मायावती के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि आज के समय में सच बोलना भी बहुत ही मुश्किल हो गया है। कई बार सच बोलने को भी गलत समझ लिया जाता है। इसी दौरान उन्होंने सपा के गठबंधन को लेकर अपनी बात साफ की।
सपा कभी गठबंधन नहीं तोड़ती
वहीं, अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती है। सपा जब किसी राजनीतिक दल को साथ लेकर चलती है तो उसका साथ निभाती है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) किसी को छोड़कर नहीं जाती, बल्कि कई बार सहयोगी दल खुद उससे अलग हो जाते हैं।
अखिलेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी दलों और राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपने सहयोगी दलों को अधिक सीटें देनी चाहिए। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को अपने सहयोगियों को कम से कम 120 सीटें देनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का भी अपमान माना जाएगा।

मायावती ने अखिलेश पर लगाए गंभीर आरोप
मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया और अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। मायावती ने अखिलेश के रालोद और जयंत चौधरी को लेकर दिए गए बयान को अमर्यादित और अशोभनीय बताया। उन्होंने अखिलेश यादव से रालोद, जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की।
मायावती ने सपा के पुराने गठबंधन रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का अपने सहयोगियों के प्रति रवैया कभी भी भरोसेमंद नहीं रहा है। मायावती ने 1993 में बने सपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance) और उसके बाद 1995 में हुए लखनऊ गेस्ट हाउस कांड (Lucknow Guest House Incident) का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने यह भी साफ तौर पर कहा है कि बाद में अखिलेश यादव के नेतृत्व में हुआ सपा-बसपा लोकसभा गठबंधन (SP-BSP Lok Sabha Alliance) भी टूट गया। मायावती ने इसके लिए सपा के कथित अहंकारी और स्वार्थी रवैये को जिम्मेदार बताया है।
1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि ’हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है’, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अति-शर्मनाक है तथा इस…
— Mayawati (@Mayawati) August 22, 2026
PDA को लेकर भी आमने-सामने
मायावती ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले का भी जिक्र करते हुए कहा है कि सपा राजनीतिक जरूरत के हिसाब से PDA में ‘P’ की परिभाषा बदलती रहती है। ये ही नहीं मायावती ने सपा पर अपने शासनकाल में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और ब्राह्मण समाज के साथ भेदभाव के गंभीर आरोप भी लगाए। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने PDA की एक अलग ही व्याख्या पेश करते हुए कहा कि PDA का मतलब ‘प्रेम, दया और अपनापन’ भी है। अखिलेश ने अपनी सरकार के दौरान बच्चों के लिए चलाई गई अक्षयपात्र योजना का भी जिक्र किया और गर्म भोजन उपलब्ध कराने की बात कही है।
योगी सरकार पर भी अखिलेश का हमला
इस कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) पर भी निशाना साधा हुए कहा कि योगी सरकार जाने के बाद उनका छात्र के लिए यही काम रह जाएगा, जिस तरह से सीएम योगी जापान के छात्रों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। ऐसे में लगता है कि भविष्य में उनके लिए फोटो का ही काम रहेगा।
उन्होंने यूपी सरकार (UP Sarkar) के विकास के दावों पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से चीनी की कीमतों (Sugar prices) पर असर पड़ने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को मुफ्त राशन (Free Rations ) दिया जा रहा है। इसके अलावा, अखिलेश ने प्रयागराज में जलभराव का मुद्दों पर ही कई तरह के सवाल उठाते हुए भी सरकार को घेरा है।
कार्यक्रम में साहित्यकारों का भी हुआ सम्मान
बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने अपने पिता और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के गुरु उदय प्रताप सिंह की पुस्तक ‘अभिनंदन ग्रंथ’ का विमोचन (Launch’Abhinandan Granth’ Felicitation Volume) किया है। साथ ही कई साहित्यकारों और कवियों को सम्मानित भी किया गया।
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