West Bengal Budget 2026: पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने सोमवार (22 जून, 2026) को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया है। बंगाल के इस बजट में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कर्मचारियों के हित और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। बंगाल बजट में 1 लाख सरकारी नौकरियों की भर्ती, महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा, सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी और पत्रकारों के लिए पेंशन जैसी योजनाओं से आम जनता को काफी हद तक राहत मिलेगी और साथ ही राज्य सरकार की इन पहलों ने सभी का ध्यान अपने ओर खींचा है।
ऐसे में आइए यहां बंगाल बजट 2026-2027 के बारे में विस्तार से हर एक जानकारी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
बंगाली चटाई और जूट से बनी विशेष फाइल में विधानसभा पहुंचा बजट
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने आज बजट पेश करने से पहले पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। दरअसल, इस बार बंगाल के बजट दस्तावेज को पारंपरिक बंगाली चटाई और जूट से बनी विशेष फाइल में विधानसभा लाया गया। सरकार ने इसे बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय शिल्प को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम बताया है।
राज्य पर 8.55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
बता दें कि विधानसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में संपूर्ण जानकारी दी और कहा कि पश्चिम बंगाल पर इस समय करीब 8 लाख 55 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार की सभी सामाजिक और कल्याणकारी योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार का लक्ष्य पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित बंगाल का निर्माण करना है। इसी क्रम में बंगाल सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर सबसे अधिक जोर देने में लगी हुई है, ताकि बंगाल की जनता को आर्थिक मदद पहुंच सके।
बंगाल में 1 लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान
बंगाल बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में राज्य के विभिन्न विभागों में 1 लाख रिक्त पदों पर भर्ती का ऐलान शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने किया है, जिसपर राज्य सरकार का दावा है कि इससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरा जा सकेगा।
इसमें सबसे खास बात यह है कि इन सभी सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है। इससे राज्य में महिला रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कुछ लोग इसे महिला मतदाताओं को साधने और महिला सशक्तिकरण के नए मॉडल के रूप में भी देख रहे हैं।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत
बंगाल सरकार ने आज कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी बड़ी सौगात दी है। बजट में महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इसके बाद कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। वित्त मंत्री ने भी कहा है कि राज्य में यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। लंबे समय से DA बढ़ाने की मांग कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा जारी
महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में राहत देने के लिए भाजपा सरकार ने मुफ्त बस सेवा योजना को जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए बजट में 550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार इस योजना का लाभ देने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ बंगाल की महिलाओं के लिए एक विशेष ‘पिंक कार्ड’ जारी करेगी, जिससे महिलाओं को राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का सही तरह से लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक बचत होगी और उनकी आवाजाही आसान बनेगी।

GRAMG योजना के लिए 14 हजार करोड़ रुपये
ग्रामीण विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने GRAMG योजना के तहत 14 हजार करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान की घोषणा की है।
सरकार का दावा है कि इस राशि का उपयोग गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक योजनाओं के विस्तार में किया जाएगा।
पत्रकारों को मिलेगी मासिक पेंशन
बंगाल के इस बजट में पत्रकारों का भी ध्यान रखा गया है। सरकार ने उनके लिए अहम घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त पत्रकारों को हर महीने 5,000 रुपये पेंशन देने का ऐलान किया है। इसके अलावा राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के पारिश्रमिक में भी वृद्धि की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी।
अन्नपूर्णा योजना को भी मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के लिए भी विशेष बजटीय प्रावधान किया है। बंगाल में विस्तृत राशि की घोषणा नहीं की गई, लेकिन सरकार ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा और गरीब परिवारों को सहायता देने वाली योजनाओं को मजबूत किया जाएगा।
खदानों की ई-ऑक्शन से होगी नीलामी
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने सभी खदानों की नीलामी केंद्र सरकार की ई-ऑक्शन प्रणाली के माध्यम से कराने का फैसला किया है। ऐसा करने से बंगाल में भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, राजस्व बढ़ेगा और खनन क्षेत्र में पारदर्शी व्यवस्था विकसित होगी।
नए पुलिस जिला और फायर स्टेशन की घोषणा
बजट में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं भी की गई हैं।
- कांथी को नया पुलिस जिला बनाया जाएगा।
- गोपीबल्लभपुर को नया उपमंडल घोषित किया जाएगा।
- राज्यभर में नए फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
- कानून व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बंगाल बजट का राजनीतिक संदेश क्या है?
देखा जाए तो इस बार के बंगाल बजट का राजनीतिक संदेश विकास और बंगाल की सांस्कृतिक को सुरक्षित रखना है। इसलिए बजट में रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कर्मचारी हितों पर केंद्रित है। 1 लाख नौकरियों और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण जैसी घोषणाएं सरकार की बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। वहीं, मुफ्त बस सेवा, पत्रकार पेंशन और DA बढ़ोतरी जैसे फैसले सीधे तौर पर विभिन्न वर्गों को राहत देने का काम करेगी।



