Ankit Sharma Murder Case: साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। बता दें अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिसमें कोर्ट ने सभी दोषियों को हत्या, दंगा, अपहरण और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। इसके साथ ही ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
कोर्ट ने सुनाया उम्रकैद का फैसला
जानकारी के अनुसार आज शुक्रवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की हत्या का नहीं, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली बेहद गंभीर घटना है। जिसमें कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। इसके अलावा दंगा करने, घातक हथियार के साथ दंगा करने, अपहरण और अन्य संबंधित अपराधों में भी दोषियों को सजा सुनाई गई। इस मामले में दोषी ठहराए गए लोगों में ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, कासिम, जावेद और अनस शामिल हैं।
13 जुलाई को दोषी करार दिए गए थे पांच आरोपी
इस मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को फैसला सुनाते हुए ताहिर हुसैन सहित पांच आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया था। वहीं, सबूतों के अभाव में छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था। बताया जा रहा है की लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन किया। इन्हीं सबूतों के आधार पर कोर्ट ने पांच आरोपियों को हत्या, अपहरण, दंगा और गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा बनने का दोषी माना।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल यह मामला फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़ा है। बता दें उस समय आईबी अधिकारी अंकित शर्मा अपने परिवार के साथ खजूरी खास इलाके में रहते थे। 24 और 25 फरवरी 2020 को इलाके में हिंसा, आगजनी और पथराव की कई घटनाएं हुई थीं।
25 फरवरी को अंकित शर्मा घर से कुछ सामान लेने के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिवार ने उनसे संपर्क करने की काफी कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। वहीं अगले दिन उनका शव एक नाले से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं और धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान भी मिले थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?
सजा सुनाते समय अदालत ने इस अपराध को बेहद क्रूर और अमानवीय बताया। कोर्ट ने कहा कि अंकित शर्मा की निर्ममता से हत्या की गई और उनके शव को जिस तरह नाले में फेंका गया, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला कृत्य था। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे अपराधों में कानून के अनुसार कठोर सजा देना जरूरी है ताकि समाज में कानून का सम्मान बना रहे।

ताहिर हुसैन पर लगा 5 लाख रुपये का जुर्माना
अदालत ने उम्रकैद की सजा के साथ ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। अन्य दोषियों पर भी अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त हैं।
बचाव पक्ष ने फैसले पर जताई असहमति
ताहिर हुसैन की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता तारा नरूला ने अदालत के फैसले पर असहमति जताई। जिसमें उन्होंने कहा कि अदालत ने यह माना कि अपराध गंभीर है, लेकिन यह साबित नहीं हो पाया कि दोषियों में सुधार की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष ताहिर हुसैन की प्रत्यक्ष भूमिका साबित नहीं कर सका। उनके अनुसार, अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के तहत गैरकानूनी भीड़ का सदस्य मानते हुए दोषी ठहराया है।
बचाव पक्ष का कहना है कि उन्हें अपने मुवक्किल की बेगुनाही पर पूरा भरोसा है और इस फैसले को जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
जांच में क्या सामने आया?
ऐसे में जांच एजेंसियों ने अदालत में कई तरह के साक्ष्य पेश किए थे। इनमें घटनास्थल से मिले सबूत, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य दस्तावेज शामिल थे। अभियोजन पक्ष का दावा था कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करते हैं। इन्हीं आधारों पर अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।
दिल्ली दंगों का सबसे चर्चित मामला
अंकित शर्मा हत्याकांड वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है। इस मामले की सुनवाई कई वर्षों तक चली और अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना अंतिम फैसला सुनाया।
अब इस फैसले के बाद मामले का अगला चरण हाईकोर्ट में अपील का हो सकता है, क्योंकि बचाव पक्ष ने फैसले को चुनौती देने की बात कही है। हालांकि, फिलहाल ट्रायल कोर्ट के आदेश के अनुसार ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।
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