Bank Strike Update: जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि 11 सिंतबर से लेकर 14 सितंबर तक देशभर में कई राज्यों में बैंक व अन्य कई सरकारी कार्यालय बंद (Government offices closed) रहने की संभावना है। ऐसे में अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम इन दिनों में करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। बताया जा रहा है कि 11 सितंबर से देश के कई बैंकों में लगातार चार दिनों तक कामकाज प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह 11 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल (Nationwide Bank Strike) और इसके बाद आने वाली बैंक छुट्टियां हैं। ऐसे में आपको समय रहते आपको बैंक से जुड़े अपने हर एक काम को निपटा लेना चाहिए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से भी 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके ठीक बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। वहीं, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई राज्यों में बैंकिंग अवकाश रहेगा। हालांकि, गणेश चतुर्थी की छुट्टी पूरे देश में संबंधित राज्य के बैंक हॉलिडे कैलेंडर (Bank Holiday Calendar) पर निर्भर है।
11 से 14 सितंबर तक बैंक का हाल?
11 सितंबर, शुक्रवार को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल (Nationwide Bank Strike) के कारण खासतौर पर सरकारी बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। इसके बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। 13 सितंबर को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के चलते कई राज्यों में बैंक शाखाओं पर छुट्टी (Holiday at Bank Branches) रहेगी। इस तरह कुछ राज्यों में ग्राहकों को लगातार चार दिनों तक बैंक शाखा (Bank Branch) से जुड़ी सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
बैंक यूनियन क्यों कर रही है हड़ताल?
वहीं, बैंक कर्मचारियों और यूनियनों की ओर से कई मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। इनमें सबसे प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। यूनियनों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए समझौते और संयुक्त नोट के अनुसार पांच वर्किंग डे की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिन के बैंकिंग वीक की मांग लंबे समय से लंबित है। यूनियनों के मुताबिक, जब दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकिंग अवकाश घोषित किया गया था, तब पांच दिन के कार्य सप्ताह की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी थी। इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI योजना से जुड़े मुद्दे और इंसेंटिव व्यवस्था में बदलाव की मांग भी उठाई गई है। यूनियनों का कहना है कि लंबित मुद्दों का समाधान आपसी बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
किन बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा असर?
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बैंक शाखाओं में मिलने वाली ऑफलाइन सेवाओं (Offline Services) पर पड़ सकता है। सरकारी बैंकों में कैश जमा या निकासी, चेक से जुड़े काम, ड्राफ्ट बनवाने, मैनुअल फंड ट्रांसफर और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
SBI, PNB और Canara Bank जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ग्राहकों को शाखा से जुड़े जरूरी काम के लिए अतिरिक्त समय का इंतजार करना पड़ सकता है। लोन से संबंधित कुछ प्रक्रियाओं और दस्तावेजी काम पर भी असर पड़ने की संभावना है।
ATM में कैश की हो सकती है परेशानी
यह भी बताया जा रहा है कि लगातार बैंक शाखाएं बंद (Bank Branches closed) रहने की स्थिति में कुछ जगहों पर ATM में कैश की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इसका असर हर ATM पर पड़े, यह जरूरी नहीं है। बैंक और कैश मैनेजमेंट एजेंसियां ATM में नकदी उपलब्ध रखने की कोशिश करती हैं, लेकिन लगातार छुट्टियों के दौरान कुछ इलाकों में कैश की समस्या (Cash shortage) सामने आ सकती है। इसलिए जिन लोगों को ज्यादा नकदी की जरूरत है, वे पहले से अपनी जरूरत के अनुसार कैश की व्यवस्था कर सकते हैं।
प्राइवेट बैंकों पर क्या होगा असर?
प्राइवेट बैंक (Private Bank) इस प्रस्तावित बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हैं। वहीं, कुछ बैंक पर इसका असर पड़ सकता है, जो कुछ इस प्रकार से होगा।
- 11 सितंबर को HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसी निजी बैंकों की शाखाओं में सामान्य कामकाज होने की उम्मीद है।
- 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार के कारण इन बैंकों की शाखाएं (Bank Branches) भी बंद रहेंगी।
- 14 सितंबर की छुट्टी संबंधित राज्य के बैंक हॉलिडे कैलेंडर (Bank Holiday Calendar) के अनुसार लागू होगी।
डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी जारी
बैंक शाखाएं बंद (Bank Branches closed) होने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। ग्राहक UPI के जरिए भुगतान कर सकते हैं और मोबाइल या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से कई तरह के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। हालांकि, किसी डिजिटल सेवा (Digital Service) में तकनीकी दिक्कत या बैंक की निर्धारित मेंटेनेंस गतिविधि होने पर स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए अगर आपका चेक क्लियरेंस, कैश जमा-निकासी, पासबुक अपडेट या बैंक शाखा से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे 11 सितंबर से पहले पूरा कर लेना बेहतर रहेगा।
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